गणगौर व्रत सम्पूर्ण कथा
एक समय की बात है, भगवान शंकर, माता पार्वती जी एवं नारदजी के साथ भ्रमण हेतु चल दिए।…
एक समय की बात है, भगवान शंकर, माता पार्वती जी एवं नारदजी के साथ भ्रमण हेतु चल दिए।…
एक बुढ़ि माँ थी। जिसके कुल सात बेटे थे। छे अपनी अपनी जगा काम में व्यस्त रहते और…
पौराणिक काल में अयोध्यापति महाराज सगर ने एक बार विशाल यज्ञ का आयोजन किया (कराया )और उसकी (उसके)…
गर्गाचार्य जी ने कहा – “हे महामते! आपने भगवान शिव की प्रसन्नता हेतु समस्त प्रदोष व्रतों का वर्णन किया। कृपया अब…
भगवान शिव हिन्दु धर्म के सर्वोच्च आराध्य देवताओं में से हैं। शिव जी की पूजा न केवल भोग…
सनत्कुमार निवेदन करते हैं, “हे भगवान शिव! यदि कुलीन स्त्रियों को अखण्ड सौभाग्य, महाभाग्य तथा पुत्र-पौत्र आदि का सुख प्रदान करने…
माता पार्वती जी ने गणेश जी से कहा कि – “हे वत्स! आषाढ़ माह की कृष्ण चतुर्थी (अमान्त ज्येष्ठ माह) को अत्यन्त शुभदायक…
एक कथा के अनुसार माँ पार्वती ने अपने पूर्व जन्म में भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त…
एक समय की बात है, घने वन के समीप स्थित एक गाँव में एक दयालु एवं धर्म परायण…
बहुत समय पहले इन्द्रप्रस्थपुर के एक शहर में वेदशर्मा नाम का एक ब्राह्मण रहता था। वेदशर्मा का विवाह लीलावती से हुआ था जिससे उसके…