श्री तुलसी स्तोत्र माता तुलसी को समर्पित है ये स्तोत्र माँ तुलसी की महिमा का वर्ण करता है हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। जो भगवान विष्णु की प्रिय पत्नी हैं और भक्ति, समृद्धि, शुद्धता तथा मोक्ष की अधिष्ठात्री हैं। यही कारण है कि तुलसी को देवी के स्वरूप में पूजा जाता है। भारत के लगभग सभी हिंदू घरों में तुलसी का पौधा होता है। हर आंगन में प्रतिदिन तुलसी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि तुलसी की पूजा करने से घर...
गजेंद्र मोक्ष स्तोत्र भगवान विष्णु को समर्पित एक अत्यंत पवित्र स्तोत्र है ये स्तोत्र हाथी “गजेंद्र” और मगरमच्छ के युद्ध वह भगवान विष्णु से की गई करुण पुकार और उनकी कृपा का वर्ण करता है हिंदू धर्म के प्रथम ग्रंथ “श्रीमद्भगवद गीता” के तीसरे अध्याय में गजेंद्र स्तोत्र का उल्लेख मिलता है। इसमें कुल 33 श्लोक हैं, और यह श्रीमद्भागवत महापुराण के आठवें स्कंध में विस्तार से वर्णित है। ये स्तोत्र संकट के समय ईश्वर पर अटूट विश्वास और मुक्ति की भावना को जागृत करता है। जो भक्त और बंधन का प्रतीक है। गजेंद्र मोक्ष स्तोत्र का इतिहास और महत्व...
श्री शालिग्राम स्तोत्र भगवान शालिग्राम को समर्पित है ये स्तोत्र श्री शालिग्राम की सम्पूर्ण महिमा का वर्णन करता है ईस स्तोत्र के पाठ से जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सुरक्षा की अनुभूति होती है। हिन्दू मान्यता के अनुसार भगवान शालिग्राम श्री हरि विष्णु भगवान का स्वरूप माने जाते हैं। जो एक शिला के रूप में पूजे जाते हैं और ये शिला नेपाल में गंडकी नदी के तल में पायी जाती है। यह कोई साधारण शिला या पत्थर नहीं होता, बल्कि इसमें भगवान विष्णु का निवास माना जाता है। इन पर शंख, चक्र, गदा, पद्म जैसे चिन्ह बने...
श्री भैरव तांडव स्तोत्र भगवान भैरव को समर्पित स्तोत्र है भगवान भैरव, जो महादेव शिव के क्रोधावतार हैं, उनके तांडव रूप की महिमा का वर्णन करने वाला यह श्री भैरव तांडव स्तोत्र अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। यह स्तोत्र भक्तों को भय, शत्रु बाधा और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति दिलाता है जो व्यक्ति नकारात्मक शक्तियों और जीवन में कष्टों, परेशानियों से घिरा हुआ है। उसे इस काल भैरव तांडव स्तोत्र को नियमित रूप से अवश्य पाठ करना चाहिए। ईस स्तोत्र के नित्य पाठ से जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सुरक्षा की...
जानकी स्तोत्र माँ जानकी को समर्पित है ये स्तोत्र माता जानकी के गुणों, शक्तियों, कर्मों, उद्देश्य का वर्ण करता है माता सीता जनक की पुत्री और श्री राम की अर्धांगिनी है माता सीता के अनेकों नाम है जिसे वैदेही, जनकनन्दिनी, जनकात्मजा , जानकी आदि धार्मिक शास्त्रों में माता सीता के इस पवित्र जानकी स्तोत्र का अत्यंत महत्व बताया गया है। जो व्यक्ति प्रतिदिन प्रभु श्रीराम और माता सीता की विधिपूर्वक से पूजन करता है, उसे 16 महादानों, पृथ्वीदान, और समस्त तीर्थों के दर्शन का फल प्राप्त होता है। इसके साथ ही जानकी स्तोत्र का पाठ नियमित करने से...
श्री हनुमान नवरत्न स्तोत्र भगवान हनुमान को समर्पित है ये एक अत्यंत दुर्लभ और शक्तिशाली स्तोत्र है नवरत्न स्तोत्र का अर्थ है “नौ रत्नों के समान अमूल्य श्लोकों वाला स्तोत्र”। यह स्तोत्र श्रीवल्लभाचार्य जी द्वारा रचित माना जाता है ये स्तोत्र भक्ति मार्ग का अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसमें कुल नौ श्लोक हैं — प्रत्येक श्लोक भक्ति, समर्पण और विश्वास का एक रत्न है। भगवान हनुमान राम भक्तों के आराध्य हैं। उनकी भक्ति करने से जीवन में साहस, शक्ति और सुरक्षा प्राप्त होती है। यह स्तोत्र केवल भक्तिपूर्ण भाव से पढ़ने मात्र से ही भक्तों के...
माँ लक्ष्मी स्तोत्र लक्ष्मी जी को समर्पित स्तोत्र है ईस स्तोत्र में माँ लक्ष्मी के दिव्य स्वरूपों का वर्ण किया गया है हिन्दू मान्यता के अनुसार "अष्ट लक्ष्मी” शब्द संस्कृत भाषा से आया है। यहाँ, “अष्ट” का अर्थ है आठ, और “लक्ष्मी” का अर्थ है धन और सौभाग्य की देवी है। ईसमें संयुक्त रूप से अष्ट लक्ष्मी का अर्थ देवी लक्ष्मी के आठ दिव्य स्वरूपों से है। प्रत्येक दिव्य प्रचुरता के एक अद्वितीय स्वरूप का प्रतीक है, जैसे साहस, विजय, धन, संतान, इत्यादि। हालाँकि, वे कोई स्वतंत्र देवी नहीं हैं, बल्कि...
ललिता देवी स्तोत्र माँ ललिता को समर्पित स्तोत्र है हिंदू धर्म में माँ ललिता देवी का विशेष स्थान माना जाता है और श्री ललिता स्तोत्र उसकी सबसे महत्वपूर्ण रचनाओं में से एक है। यह ब्रह्मांड पुराण के उत्तर खंड में वर्णित है, जहां हयग्रीव और अगस्त्य ऋषि के संवाद के माध्यम से माँ ललिता (त्रिपुर सुंदरी) के एक हजार नामों का वर्णन किया गया है। ये स्तोत्र एक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करता है जो आपको काले जादू से बचाता है। माँ ललिता को षोडशी, त्रिपुर सुंदरी, राज राजेश्वरी...