श्री सूर्याष्टोत्तरशतानाम स्तोत्र भगवान सूर्य देव को समर्पित है उन्हे हिंदू धर्म में जगत की आत्मा माना जाता है। वे प्रकाश, ऊर्जा और जीवन के स्रोत हैं। श्री सूर्याष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र महाभारत के वनपर्व में वर्णित है, जहां धौम्य ऋषि ने युधिष्ठिर को यह स्तोत्र बताया था। इसमें सूर्य देव के 108 पवित्र नाम हैं, जिनका पाठ करने से भक्तों की स्वास्थ्य, बुद्धि, धन और सभी मनोकामनाएं प्राप्त होती हैं। यह स्तोत्र सूर्य पूजा के दौरान विशेष रूप से पढ़ा जाता है, जैसे रविवार को या छठ पूजा में। ईसके नियमित...
‘श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्’ का वर्णन ‘श्रीदुर्गासप्तशती’ में किया गया है जो हिंदू तंत्र शास्त्र ‘विश्वसारतन्त्र’ का एक ग्रंथ है। इस ग्रंथ में मां दुर्गा के विभिन्न रूपों, उनकी साधना, मंत्रों और स्तोत्रों का विस्तार से वर्णन किया गया है। ‘श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्’ देवी दुर्गा के 108 नामों का एक स्तोत्र है, जो उनकी विभिन्न शक्तियों और गुणों का वर्णन करता है। इस स्तोत्र का जप विशेष रूप से दुर्गा पूजा और नवरात्रि जैसे त्योहारों के दिनों में बहुत शुभ माना गया है। इन दिनों एक विशेष ऊर्जा का संचार वातावरण में महसूस किया जा...
श्री कृष्णाष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र भगवान श्री कृष्ण के 108 नामों का एक दिव्य स्तोत्र है, जो भागवत पुराण और अन्य वैष्णव ग्रंथों से प्रेरित है। यह स्तोत्र भक्तों को कृष्ण की लीलाओं, गुणों और दिव्य स्वरूप की स्मृति कराता है। "कृष्णाष्टोत्तरशतनाम" शब्द का अर्थ है - कृष्ण के अष्टोत्तर (108 से अधिक) शतनाम (सौ नाम), लेकिन परंपरा के अनुसार यह ठीक 108 नामों पर आधारित है। इस स्तोत्र का पाठ करने से मन की शांति, भक्ति की वृद्धि और सभी कष्टों का निवारण होता है। यह स्तोत्र आदि शंकराचार्य या वैष्णव...
श्री विष्णु दशावतार स्तोत्र हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को संरक्षक देवता माना जाता है, जो विश्व के पालनकर्ता हैं। उनके दस प्रमुख अवतारों को 'दशावतार' कहा जाता है, जो सत्ययुग से कलियुग तक मानवता की रक्षा के लिए अवतरित हुए। श्री विष्णु दशावतार स्तोत्र एक प्राचीन भक्ति रचना है, जो इन अवतारों की महिमा का गुणगान करती है। यह स्तोत्र भक्तों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है और विष्णु भक्ति को गहरा बनाता है। यह स्तोत्र मूल रूप से संस्कृत में रचा गया है, लेकिन हम इसका सरल हिंदी...
भगवान शिव हिंदू धर्म के प्रमुख देवता हैं, जो संहार के साथ-साथ सृजन और पालन के प्रतीक भी हैं। शिव तांडव स्तोत्र एक ऐसा प्राचीन संस्कृत भक्ति भजन है, जो रावण द्वारा रचित माना जाता है। यह स्तोत्र शिव के तांडव नृत्य की भव्यता, क्रोध और करुणा के मिश्रण को चित्रित करता है। यह स्तोत्र न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है, बल्कि दैनिक जाप से मानसिक शांति और सकारात्मकता भी लाता है। शिव तांडव स्तोत्र का इतिहास और महत्व शिव तांडव स्तोत्रम की रचना लंका के राजा रावण ने...
मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो (Maiya Mori Main Nahin Makhan Khayo) भगवान श्री कृष्ण और माता यशोदा को समर्पित भक्ति भजन है, इस भक्ति गीत में भगवान श्री कृष्ण बालरूप के समय माता यशोदा को किस-किस तरह से परेशान (माखन चुरा कर खाना, गोपियों का मटका फोड़ना और भी कई तरह के क्रीड़ा करना) करते थे, जिसे इस भक्ति गीत के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो भक्ति गीत में सुनने में अत्यंत प्रिय व मनमोहक लगता है, जिसमे भगवान श्री कृष्ण की...
गणपति जी गणेश नू मनाइये भजन (Ganpati Ji Ganesh Nu Manaiye Bhajan) भगवान श्री गणेश को समर्पित भक्ति भजन है। ईस भजन में भक्तगण झूमते हुए भजन का आनंद लें और भगवान श्री गणेश की जय जयकार करें। यह भजन गणेश चतुर्थी, गणेश मंदिरो एवं अन्य धार्मिक उत्सव में सुना जाता है। गणपति जी गणेश नू मनाइये भजन (Ganpati Ji Ganesh Nu Manaiye Bhajan In Hindi) हिन्दी में गणपति जी गणेश नू मनाइये, सारे काम रास होणगे, हर काम नाल पहला ही धियाइये, सारे काम रास होणगे, गणपति जी गणेश...
अगर विश्व में विश्वकर्मा ना होते भजन (Agar Vishwa Me Vishwakarma Na Hote Bhajan) भगवान श्री विश्वकर्मा को समर्पित भक्ति भजन है। ईस भजन में भक्तगण झूमते हुए इस भक्ति भजन का आनंद लें और भगवान श्री विश्वकर्मा की जय जयकार करें। यह भजन विश्वकर्मा जयंती एवं अन्य धार्मिक उत्सव में सुना जाता है। अगर विश्व में विश्वकर्मा ना होते भजन (Agar Vishwa Me Vishwakarma Na Hote Bhajan In Hindi) हिंदी में ये मशीने ये पुर्जे, ये फरमा ना होते, अगर विश्व में, विश्वकर्मा ना होते ॥ ये कल कारखाने...