
श्री शीतलनाथ चालीसा (Shri Sheetalnath Chalisa)
शीतल हैं शीतल वचन, चन्दन से अधिकाय।कल्प वृक्ष सम प्रभु चरण, हैं सबको सुखकाय॥जय श्री शीतलनाथ गुणाकर, महिमा…
Immerse yourself in the divine power of devotion with the Chalisa (चालीसा) Collection at Gyan Ki Baatein. Our comprehensive चालीसा संग्रह features sacred 40-verse hymns dedicated to revered Hindu Gods and Goddesses, including हनुमान चालीसा, दुर्गा चालीसा, लक्ष्मी चालीसा, साईं चालीसा, शिव चालीसा, गणेश चालीसा, कृष्ण चालीसा, राम चालीसा, सरस्वती चालीसा, काली चालीसा, and many more, including the latest देवी-देवता चालीसा. These भक्ति भजनों are crafted for spiritual seekers and devotees, invoking blessings, prosperity, wisdom, and inner peace. Dive into the essence of हिंदू धर्म with our authentic चालीसा संग्रह, designed to deepen your आध्यात्मिक यात्रा and strengthen your भक्ति भाव. Explore our Chalisa Sangrah today for a transformative धार्मिक अनुभव and connect with the divine through these sacred प्रार्थना and स्तुति!

शीतल हैं शीतल वचन, चन्दन से अधिकाय।कल्प वृक्ष सम प्रभु चरण, हैं सबको सुखकाय॥जय श्री शीतलनाथ गुणाकर, महिमा…
॥ दोहा ॥विश्वेश्वर पदपदम की रज निज शीश लगाय ।अन्नपूर्णे, तव सुयश बरनौं कवि मतिलाय ।॥ चौपाई ॥नित्य…
॥ दोहा ॥विश्वनाथ को सुमिर मन,धर गणेश का ध्यान।भैरव चालीसा रचूं,कृपा करहु भगवान॥ बटुकनाथ भैरव भजू,श्री काली के…
सनातन मान्यताओं के अनुसार, गंगा दुनिया की सबसे पवित्रतम नदी है। और गंगा नदी को माँ गंगा के…
॥ दोहा ॥बन्दौं सन्तोषी चरण रिद्धि-सिद्धि दातार ।ध्यान धरत ही होत नर दुःख सागर से पार ॥ भक्तन…
॥ दोहा॥श्री गुरु चरणन ध्यान धर,सुमीर सच्चिदानंद ।श्याम चालीसा भजत हूँ,रच चौपाई छंद । ॥ चौपाई ॥श्याम-श्याम भजि…
श्री सूर्य देव चालीसा ॥॥ दोहा ॥कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अङ्ग,पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के…
॥ दोहा ॥आदौ राम तपोवनादि गमनं हत्वाह् मृगा काञ्चनं रामायण कॉमिक्स वैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीव संभाषणं बाली…
॥ दोहा ॥जय गणपति सदगुण सदन,कविवर बदन कृपाल ।विघ्न हरण मंगल करण,जय जय गिरिजालाल ॥॥ चौपाई ॥जय जय…
॥ दोहा ॥जय जय श्री महालक्ष्मी,करूँ मात तव ध्यान।सिद्ध काज मम किजिये,निज शिशु सेवक जान॥॥ चौपाई ॥नमो महा…
॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान ।कहत अयोध्यादास तुम,देहु अभय वरदान ॥ ॥ चौपाई…