भगवद गीता चालीसा (Bhagavad Geeta Chalisa) – ज्ञान की बातें
॥ चौपाई ॥ प्रथमहिं गुरुको शीश नवाऊँ।हरिचरणों में ध्यान लगाऊँ॥गीत सुनाऊँ अद्भुत यार।धारण से हो बेड़ा पार॥ अर्जुन…
॥ चौपाई ॥ प्रथमहिं गुरुको शीश नवाऊँ।हरिचरणों में ध्यान लगाऊँ॥गीत सुनाऊँ अद्भुत यार।धारण से हो बेड़ा पार॥ अर्जुन…
॥ दोहा ॥जय जय जल देवता,जय ज्योति स्वरूप ।अमर उडेरो लाल जय,झुलेलाल अनूप ॥ ॥ चौपाई ॥रतनलाल रतनाणी…
॥ दोहा ॥श्री गणपति गुरुपद कमल,प्रेम सहित सिरनाय ।नवग्रह चालीसा कहत,शारद होत सहाय ॥ जय जय रवि शशि…
॥ दोहा॥जय जय माता शीतला ,तुमहिं धरै जो ध्यान ।होय विमल शीतल हृदय,विकसै बुद्धी बल ज्ञान ॥ घट-घट…
॥ दोहा ॥नमो नमो विन्ध्येश्वरी,नमो नमो जगदम्ब ।सन्तजनों के काज में,करती नहीं विलम्ब ॥ जय जय जय विन्ध्याचल…
॥ दोहा ॥सिर नवाइ बगलामुखी,लिखूं चालीसा आज ॥ कृपा करहु मोपर सदा,पूरन हो मम काज ॥ ॥ चौपाई…
॥ दोहा ॥जनक जननि पद्मरज,निज मस्तक पर धरि ।बन्दौं मातु सरस्वती,बुद्धि बल दे दातारि ॥पूर्ण जगत में व्याप्त…
॥ दोहा ॥विश्वनाथ को सुमिर मन,धर गणेश का ध्यान।भैरव चालीसा रचूं,कृपा करहु भगवान॥ बटुकनाथ भैरव भजू,श्री काली के…
॥ दोहा ॥बन्दौं सन्तोषी चरण रिद्धि-सिद्धि दातार ।ध्यान धरत ही होत नर दुःख सागर से पार ॥ भक्तन…
॥ दोहा ॥कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अङ्ग,पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के सङ्ग॥ ॥ चौपाई ॥जय…