चालीसा (Chalisa)माँ अन्नपूर्णा चालीसा8 महीना agoजुलाई 10, 2025204 views204॥ दोहा ॥विश्वेश्वर पदपदम की रज निज शीश लगाय ।अन्नपूर्णे, तव सुयश बरनौं कवि मतिलाय ।॥ चौपाई ॥नित्य आनंद करिणी माता,वर अरु अभय भाव प्रख्याता ॥ जय ! सौंदर्य सिंधु जग जननी,अखिल पाप हर भव-भय-हरनी ॥...