नवरात्रि के सातवें दिन माँ दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा की जाती है, माँ कालरात्रि की यह अत्यंत महत्वपूर्ण आरती के लिरिक्स कुछ इस प्रकार से हैं। कालरात्रि जय-जय-महाकाली ।काल के मुह से बचाने वाली...
ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा ।दुःख हरता सुख करता, जय आनन्दकारी । रजत सिंहासन राजत, ज्योति तेरी न्यारी ।दीन दयाल दयानिधि, भव बन्धन हारी । जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे ।सकल...
जय शनि देवा, जय शनि देवा,जय जय जय शनि देवा ।अखिल सृष्टि में कोटि-कोटि जन,करें तुम्हारी सेवा ।जय शनि देवा, जय शनि देवा,जय जय जय शनि देवा ॥ जा पर कुपित होउ तुम स्वामी,घोर कष्ट वह...
जय जय तुलसी माता,मैया जय तुलसी माता ।सब जग की सुख दाता,सबकी वर माता ॥॥ जय तुलसी माता...॥ सब योगों से ऊपर,सब रोगों से ऊपर ।रज से रक्ष करके,सबकी भव त्राता ॥॥ जय तुलसी माता...॥ बटु...