दुर्गा अष्टमी व्रत सम्पूर्ण कथा
व्रत कथाएँ

दुर्गा अष्टमी व्रत सम्पूर्ण कथा

प्राचीन काल मे कत नामक एक महान ऋषि थे। उनके पुत्र कात्य हुए, वह भी एक प्रसिद्ध ऋषि बने, उन्हीं के नाम से “कात्य” गोत्र की स्थापना हुई थी। ऋषि कात्य के पुत्र “कात्यायन” हुए। वो...
गोपाष्टमी व्रत सम्पूर्ण कथा
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गोपाष्टमी व्रत सम्पूर्ण कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान कृष्ण 6 वर्ष के थे, तब उन्होंने माता यशोदा से कहा कि मां मैं अब बड़ा हो गया हूं इसलिए अब मैं बछड़ों के साथ गाय को भी चराने जाउंगा।...
आमलकी एकादशी व्रत सम्पूर्ण कथा
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आमलकी एकादशी व्रत सम्पूर्ण कथा

एक समय की बात है जब राजा मान्धाता ऋषि वशिष्ठ के आश्रम पहुंचे और उनसे निवेदन करने लगे। राजा मान्धाता – “हे मुनिवर, आप सर्व वेदो के ज्ञाता है। आप मुझ पर कृपा करें और मुझे...
नवग्रह वार व्रत सम्पूर्ण कथा
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नवग्रह वार व्रत सम्पूर्ण कथा

एक समय की बात है किसी गांव में एक भाई- बहन रहते थे बहन की शादी हो चुकी थी । एक दिन भाई अपनी बहन से मिलने के लिए उसके ससुराल जा रहा था, रास्ते में भाई को...
गणगौर व्रत सम्पूर्ण कथा
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गणगौर व्रत सम्पूर्ण कथा

एक समय की बात है, भगवान शंकर, माता पार्वती जी एवं नारदजी के साथ भ्रमण हेतु चल दिए। वे चलते-चलते चैत्र शुक्ल तृतीया को एक गाँव में पहुँचे। उनका आगमन सुनकर ग्राम की निर्धन स्त्रियाँ उनके स्वागत के...
संतोषी माता व्रत सम्पूर्ण कथा
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संतोषी माता व्रत सम्पूर्ण कथा

एक बुढ़ि माँ थी। जिसके कुल सात बेटे थे। छे अपनी अपनी जगा काम में व्यस्त रहते और एक निक्कमा रहता था। माता अपने सभी छे बेटों के लिये रसोई बनती थी लेकिन उस सातवे बेटे...
गंगा दशहरा व्रत सम्पूर्ण कथा
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गंगा दशहरा व्रत सम्पूर्ण कथा

पौराणिक काल में अयोध्यापति महाराज सगर ने एक बार विशाल यज्ञ का आयोजन किया (कराया )और उसकी (उसके) देखरेख की जिम्मेदारी अपने पौत्र अंशुमान को सौंप दी। यज्ञ में विघ्न डालते हुए देवराज इंद्र ने राजा...
प्रदोष व्रत सम्पूर्ण कथा
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प्रदोष व्रत सम्पूर्ण कथा

गर्गाचार्य जी ने कहा - "हे महामते! आपने भगवान शिव की प्रसन्नता हेतु समस्त प्रदोष व्रतों का वर्णन किया। कृपया अब शनि प्रदोष व्रत की महिमा का वर्णन करें।" सूतजी ने कहा - "हे ऋषिवर! निश्चय ही भगवान शिव एवं देवी...
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