शनिदेव : ये आरती भगवान शनि देव जी को समर्पित है। इन्हें सूर्य पुत्र, शनैश्चर, कर्मफल दाता और दण्डनीति के देवता कहा जाता है। भगवान शनिदेव को नवग्रहों में सबसे शक्तिशाली और न्यायप्रिय ग्रह माना जाते हैं। शनिदेव सूर्य देव और छाया (संज्ञा) के पुत्र हैं। जन्म के समय भगवान शनिदेव की दृष्टि इतनी प्रचंड थी कि सूर्य देव भी प्रभावित हो गए थे। शनिदेव ने भगवान राम और कृष्ण को भी अपनी दृष्टि का प्रभाव दिखाया था। महाभारत और पुराणों में शनिदेव को कर्मफल का सबसे सख्त न्यायाधीश माना गया है। शनिदेव को साढ़े साती (7.5 वर्ष) और ढैय्या (2.5 वर्ष) का प्रभाव देने वाले ग्रह के रूप में जाना जाता है। लेकिन जो भक्त सच्ची श्रद्धा से शनिदेव आरती का पाठ करता है और उनकी पूजा करते हैं, उन्हें शनिदेव रक्षा प्रदान करते हैं। शनिवार व्रत , और शनिदेव मदिरों में ईस आरती का पाठ करने से भगवान शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होते है
शनिदेव आरती हिन्दी में
(Shanidev– Jai Jai Shri Shanidev Aarti in Hindi)
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी ।
सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी ॥
॥ जय जय श्री शनिदेव..॥
श्याम अंक वक्र दृष्ट चतुर्भुजा धारी ।
नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी ॥
॥ जय जय श्री शनिदेव..॥
क्रीट मुकुट शीश रजित दिपत है लिलारी ।
मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी ॥
॥ जय जय श्री शनिदेव..॥
मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी ।
लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी ॥
॥ जय जय श्री शनिदेव..॥
देव दनुज ऋषि मुनि सुमरिन नर नारी ।
विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी ॥
॥ जय जय श्री शनिदेव..॥
शनिदेव आरती इंग्लिश में
(Shanidev– Jai Jai Shri Shanidev Aarti in English)
!! Jai Jai Shri Shanidev Bhagatan Hitkari,
Suraj Ke Putar Prabhu Chaya Mahtari,
Jai Jai Shri Shanidev Bhagatan Hitakari!!
!! Shyam Ank Vakr Drasht Chaturbhuja Dhari,
Nilambar Dhar Nath Gajj Ki Avsari,
Jai Jai Shri Shanidev Bhagatan Hitakari!!
!! Keet Mukut Shish Rahat Dipat Hai Lilari,
Muktan Ki Mala Gale Shobht Balihari,
Jai Jai Shri Shanidev Bhagatan Hitakari!!
!! Modak Mishthan Paan Chadhat Hai Supari,
Loha Til Tel Udad Mahishi Ati Pyari,
Jai Jai Shri Shanidev Bhagatan Hitakari!!
!! Dev Danuj Rishi Muni Sumirat Nar Nari,
Vishvnath Dhrat Dhyan Sharan Hai Tumhari,
Jai Jai Shri Shanidev Bhagatan Hitakari !!
शनिदेव के प्रसिद्ध मंदिर (Shanidev Famous Temples)
1. शनि शिंगणापुर (महाराष्ट्र)
- अहमदनगर जिले में स्थित यह दुनिया का सबसे प्रसिद्ध और प्रमुख शनि मंदिर है यहाँ शनि देव की प्रतिमा बिना किसी छत के, खुले आसमान के नीचे एक काले पत्थर के रूप में स्थापित है। इस गाँव की सबसे अनूठी बात यह है कि यहाँ किसी भी घर या दुकान में दरवाजे और ताले नहीं हैं। मान्यता है कि स्वयं शनिदेव गाँव की रक्षा करते हैं
2. श्री शनिधाम मंदिर (नई दिल्ली)
- छतरपुर के पास असोला में स्थित यह मंदिर देश के सबसे भव्य शनि मंदिरों में से एक है यहाँ शनि देव की दुनिया की सबसे ऊंची (लगभग 21 फीट) प्राकृतिक चट्टान की मूर्ति स्थापित है। मंदिर का मुख्य आकर्षण यहाँ का प्राकृतिक रूप से बना तेल का कुंड है।
3. शनिदेव मंदिर, खजुराहो (मध्य प्रदेश)
- विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो के पास लवकुशनगर क्षेत्र में यह पौराणिक मंदिर स्थित है। इस मंदिर की शनि प्रतिमा को बहुत ही जाग्रत और चमत्कारी माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यहाँ आकर जो भी भक्त सच्चे मन से सरसों के तेल का दीपक जलाता है, उसके जीवन की सभी आर्थिक और मानसिक बाधाएं दूर हो जाती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- 1. शनि देव कौन हैं?
- हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, शनि देव सूर्य और देवी छाया (सवर्णा) के पुत्र हैं। वे यमराज के भाई हैं और उन्हें नवग्रहों में सबसे शक्तिशाली और न्यायपूर्ण देवता माना जाता है।
- 2. शनि देव को कौन सा भोग प्रिय है?
- शनि देव को उड़द की दाल की खिचड़ी, मीठी पूरी और सरसों के तेल में पका हुआ भोजन अर्पित किया जाता है।
- 3.शनि देव की पूजा के लिए कौन सा दिन और रंग शुभ है?
- शनि देव की पूजा के लिए शनिवार का दिन समर्पित है। इस दिन काला या गहरे नीले रंग के कपड़े पहनना बहुत शुभ माना जाता है।
- 4. साढ़े साती (Sade Sati) क्या होती है?
- जब शनि देव किसी व्यक्ति की चंद्र राशि (जन्म राशि) के पहले भाव, जन्म राशि और उसके बाद वाले भाव में गोचर करते हैं, तो उस साढ़े सात साल की अवधि को ‘साढ़े साती’ कहते हैं। यह जीवन में अनुशासन और कर्मों का लेखा-जोखा देने वाला समय माना जाता है।
- 5. शनि देव को तेल क्यों चढ़ाया जाता है?
- रामायण काल की कथा के अनुसार, जब हनुमान जी ने लंका में शनि देव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, तब शनि देव के शरीर में बहुत पीड़ा हो रही थी। हनुमान जी ने उनके घावों पर सरसों का तेल लगाया, जिससे उन्हें तुरंत आराम मिला। तब से प्रसन्न होकर शनि देव ने कहा कि जो भी मुझे सच्चे मन से तेल अर्पित करेगा, उसे कष्टों से मुक्ति मिलेगी।
You can download Complete Shanidev- Jai Jai Shri Shanidev Aarti in PDF Format in Hindi
आप सम्पूर्ण शनिदेव आरती हिंदी मे यहाँ से डाउनलोड कर सकते है
You can download Complete Shanidev- Jai Jai Shri Shanidev Aarti in PHOTO
आप सम्पूर्ण शनिदेव आरती हिंदी में फोटो मे यहाँ से डाउनलोड कर सकते है
You can also read Shanidev- Jai Jai Shri Shanidev AartiLyrics in English

