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आरती (Aarti)

श्री शीतलनाथ जी की आरती (Shri Sheetalnath Ji ki Aarti)

जुलाई 23, 2025 अमित भारद्वाज 0 comments

श्री शीतलनाथ जी की आरती: जैन धर्म के दसवें तीर्थंकर भगवान श्री शीतलनाथ जी को अहिंसा, सत्य और धर्म पर उनके उपदेशों के लिए अत्यधिक सम्मान दिया जाता है। प्राचीन शहर भद्रिकापुरी में राजा दृढरथ और रानी सुनंदा के घर जन्मे भगवान शीतलनाथ का जीवन और आध्यात्मिक यात्रा दुनिया भर में लाखों जैनियों को प्रेरित करती है। भगवान श्री शीतलनाथ जी की आरती महज एक अनुष्ठान नहीं है। भक्ति और श्रद्धा की गहन अभिव्यक्ति है। आरती के दौरान, भक्त भजन और प्रार्थना गाते हैं, जिससे पवित्रता और आध्यात्मिकता का माहौल बनता है।

श्री शीतलनाथ जी की आरती हिन्दी में
(Shri Sheetalnath Ji ki Aarti
in Hindi)

ॐ जय शीतलनाथ स्वामी, स्वामी जय शीतलनाथ स्वामी ।
घृत दीपक से करू आरती…, तुम अंतरयामी ॥
ॐ जय शीतलनाथ स्वामी…

भदिदलपुर में जनम लिया प्रभु, दृढरथ पितु नामी…।
मात सुनन्दा के नन्दा तुम, शिवपथ के स्वामी ॥
ॐ जय शीतलनाथ स्वामी…

जन्म समय इन्द्रो ने, उत्सव खूब किया…।
मेरु सुदर्शन ऊपर, अभिषेक खूब किया ॥
ॐ जय शीतलनाथ स्वामी…

पंच कल्याणक अधिपति, होते तीर्थंकर…।
तुम दसवे तीर्थंकर स्वामी, हो प्रभु क्षेमंकर ॥
ॐ जय शीतलनाथ स्वामी…

अपने पूजक निन्दक केप्रति, तुम हो वैरागी…।
केवल चित्त पवित्र करन नित, तुमपूजे रागी ॥
ॐ जय शीतलनाथ स्वामी…

पाप प्रणाशक सुखकारक, तेरे वचन प्रभो…।
आत्मा को शीतलता शाश्वत, दे तब कथन विभो ॥
ॐ जय शीतलनाथ स्वामी…

जिनवर प्रतिमा जिनवर जैसी, हम यह मान रहे…।
प्रभो चंदानामती तब आरती, भाव दुःख हान करें ॥
ॐ जय शीतलनाथ स्वामी…

ॐ जय शीतलनाथ स्वामी, स्वामी जय शीतलनाथ स्वामी ।
घृत दीपक से करू आरती…, तुम अंतरयामी ॥
ॐ जय शीतलनाथ स्वामी…

॥ इति श्री शीतलनाथ आरती संपूर्णम् ॥

श्री शीतलनाथ जी की आरती इंग्लिश में
(Shri Sheetalnath Ji ki Aarti
in English)

Om Jai Sheetalnath Swami, Swami Jai Sheetalnath Swami.
Ghrit Deepak Se Karu Aarti…, Aap Antaryami.
Om Jai Sheetalnath Swami…

Bhadidalpur Mein Janam Liya Prabhu, Dridhrath Pitu Nami…
Mata Sunanda Ke Nanda Tum, Shivpath Ke Swami.
Om Jai Sheetalnath Swami…

Janm Samay Indro Ne, Utsav Khoob Kiya…
Meru Sudarshan Upar, Abhishek Khoob Kiya.
Om Jai Sheetalnath Swami…

Panch Kalyanak Adhipati, Hote Tirthankar…
Tum Dasave Tirthankar Swami, Ho Prabhu Chemankar.
Om Jai Sheetalnath Swami…

Apne Pujak Nindak Keprati, Tum Ho Vairagi…
Kewal Chitt Pavitr Karan Nit, Tumapuje Raagi.
Om Jai Sheetalnath Swami…

Pap Pranashak Sukhkarak, Tere Vachan Prabho…
Atma Ko Shitalata Shashwat, De Tab Kathan Vibho.
Om Jai Sheetalnath Swami…

Jinvar Pratima Jinvar Jaisi, Ham Yah Maan Rahe…
Prabho Chandanmati Tab Aarti, Bhav Duhkh Han Karain.
Om Jai Sheetalnath Swami…

Om Jai Sheetalnath Swami, Swami Jai Sheetalnath Swami.
Ghrit Deepak Se Karu Aarti… Tum Antarayami.
Om Jai Sheetalnath Swami…

!! Iti Shri Sheetalnath Aarti !!

श्री शीतलनाथ जी के प्रसिद्ध मंदिर (Shri Sheetalnath Famous Temples)

1. शीतलनाथ जी मंदिर, कोलकाता

  • यह पश्चिम बंगाल के सबसे प्रसिद्ध जैन मंदिरों में से एक है। इसे बद्रीनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर भी कहा जाता है ईस मंदिर के स्थित भगवान शीतलनाथ जी की मूर्ति के माथे पर हीरा जड़ा हुआ है।

2. श्री शीतलनाथ जैन मंदिर, धारवाड़ (कर्नाटक)

  • हुबली-धारवाड़ क्षेत्र में स्थित यह एक अत्यंत प्रसिद्ध मंदिर है, जहाँ मूलनायक के रूप में भगवान शीतलनाथ जी की भव्य प्रतिमा विराजमान है।

3. श्री सम्मेद शिखरजी (झारखंड)

  • जैन धर्म के इस सर्वोच्च तीर्थ स्थल पर भगवान शीतलनाथ जी की टोंक (चरण चिह्न) स्थापित है। मान्यता है कि उन्होंने इसी पवित्र पर्वत से मोक्ष (निर्वाण) प्राप्त किया था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

  • 1.भगवान शीतलनाथ कौन थे?
  • शीतलनाथ जी जैन धर्म के वर्तमान कालचक्र के दसवें तीर्थंकर हैं। उनका जन्म भद्रिकापुर (भद्दिलपुर) में राजा दृढ़रथ और माता सुनंदा के यहाँ हुआ था।
  • 2. शीतल नाथ भगवान का चिन्ह क्या है
  • तीर्थंकर श्री शीतलनाथ भगवान वर्तमान कालचक्र के दसवें तीर्थंकर थे। उनका शरीर स्वर्णिम रंग का था और उनकी ऊँचाई 90 धनुषों के बराबर थी। श्री शीतलनाथ भगवान का प्रतीक श्रीवत्स (कल्पवृक्ष) है।
  • 3.भगवान शीतलनाथ को ‘शीतल’ क्यों कहा गया?
  • जब भगवान शीतलनाथ माता सुनंदा के गर्भ में थे, तब उनके पिता राजा दृढ़रथ को एक अत्यंत तीव्र और जानलेवा ज्वर (बुखार) हुआ था। उस समय माता सुनंदा के स्पर्श मात्र से राजा का शरीर पूरी तरह शीतल (शांत और ठंडा) हो गया और उनका दाह शांत हो गया। इसी अतिशय के कारण उनका नाम ‘शीतलनाथ’ रखा गया।
  • 4.भगवान शीतलनाथ का मोक्ष कल्याणक कहाँ और कब हुआ?
  • भगवान शीतलनाथ ने अपने जीवन के अंतिम समय में सम्मेद शिखरजी (झारखंड) पर एक महीने का उपवास रखा था। इसके बाद आश्विन शुक्ल अष्टमी के दिन उन्होंने निर्वाण (मोक्ष) प्राप्त किया। आरती में उनके इस पावन मोक्ष गमन का विशेष रूप से स्मरण किया जाता है।

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You can also read Shri Sheetalnath Ji ki Aarti Lyrics in English


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