श्री गौमाता आरती: सनातन धर्म में गौमाता को अत्यंत पूजनीय माना गया है। भारतीय संस्कृति में गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि मातृत्व, करुणा, सेवा और समृद्धि का प्रतीक है। शास्त्रों में गौमाता को “सर्वदेवमयी” कहा गया है, अर्थात उनमें सभी देवी-देवताओं का वास माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन से निकली दिव्य गाय कामधेनु समस्त इच्छाओं को पूर्ण करने वाली मानी गई। इसी कारण गाय को समृद्धि, सौभाग्य और धर्म का आधार माना जाता है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन भी गौसेवा और गोपालन से जुड़ा हुआ है। उन्हें “गोपाल” और “गोविंद” जैसे नाम इसी कारण प्राप्त हुए। गाय को मानव सभ्यता के सबसे उपयोगी और पवित्र पशुओं में से भी एक मानी जाती है। प्राचीन काल में भी गौमाता भारतीय जीवन का अभिन्न हिस्सा रही हैं। वे मनुष्य को दूध प्रदान करती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इसके अतिरिक्त गोबर और गोमूत्र का उपयोग कृषि, औषधि और धार्मिक कार्यों में भी किया जाता है। गौमाता की पूजा, सेवा और आरती का विशेष महत्व बताया गया है। विशेष रूप से गोपाष्टमी, और अन्य धार्मिक अवसरों पर श्रद्धा और भक्ति से श्री गौमाता आरती का पाठ करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
श्री गौमाता आरती हिन्दी में
(Shri Gau mata Aarti in Hindi)
ॐ जय गौमाता
मैया जय जय गौमाता ॥
जो कोई तुमको सेवत
त्रिभुवन सुख पाता ॥
ॐ जय गौमाता…
सुख समृद्धि प्रदायिनी
गौ की कृपा मिले ॥
जो करे गौ की सेवा
पल में विपत्ति टले ॥
ॐ जय गौमाता…
आयु ओज विकासिनी
जन जन की माई ॥
शत्रु मित्र सब जाने
सबकी सुखदायी ॥
ॐ जय गौमाता…
सुर सौभाग्य विधायिनी
अमृत दुग्ध दियो ॥
अखिल विश्व नर नारी
शिव अभिषेक कियो ॥
ॐ जय गौमाता…
ममतामयी मनभाविनी
तुम ही जग माता ॥
जग की पालनहारी
कामधेनु माता ॥
ॐ जय गौमाता…
संकट रोग विनाशिनी
सुर महिमा गाई ॥
गौशाला की सेवा
संतन मन भाई ॥
ॐ जय गौमाता…
गौमाता की रक्षा हेतु
हरि अवतार लियो ॥
गौपालक गोपाला
शुभ संदेश दियो ॥
ॐ जय गौमाता…
गौमाता की आरती
जो कोई जन गावे ॥
पद्म कहत वैतरणी
भव से तर जावे ॥
ॐ जय गौमाता…
ॐ जय गौमाता
मैया जय जय गौमाता ॥
जो कोई तुमको सेवत
त्रिभुवन सुख पाता ॥
ॐ जय गौमाता…
श्री गौमाता आरती इंग्लिश में
(Shri Gau mata Aarti in English)
om jai gaumata,
maiya jai jai gaumata. ॥
jo koi tumko sevat,
tribhuvan sukh paata. ॥
om jai gaumata…
sukh samriddhi pradayini,
gau ki kripa mile. ॥
jo kare gau ki seva,
Pal mein vipatti tale. ॥
om jai gaumata…
aayu, oj, vikasini,
jan jan ki maai. ॥
shatru mitra sab jaane,
sabki sukhdaayi. ॥
om jai gaumata…
sur saubhagya vidhayini,
amrit dugdh diyo. ॥
akhil vishva nar naari,
shiv abhishek kiyo. ॥
om jai gaumata…
mamatamayi, manbhaavini,
tum hi jag maata. ॥
jag ki paalanhaari,
kaamdhenu maata. ॥
om jai gaumata…
sankat rog vinaashini,
sur mahima gaayi. ॥
gaushala ki seva,
santan man bhaayi. ॥
om jai gaumata…
gaumata ki raksha hetu,
hari avataar liyo. ॥
gaupaalak gopaala,
shubh sandesh diyo. ॥
om jai gaumata…
gaumata ki aarti,
jo koi jan gaave. ॥
padm kahat vaitarani,
bhav se tar jaave. ॥
om jai gaumata…
om jai gaumata,
maiya jai jai gaumata. ॥
jo koi tumko sevat,
tribhuvan sukh paata. ॥
om jai gaumata…
गौमाता के प्रसिद्ध मंदिर (Gau mata Famous Temples)
1. बहुलावन धाम मंदिर (वृंदावन, उत्तर प्रदेश)
- बहुलावन धाम मंदिर यह पावन स्थल मथुरा से लगभग 11 किलोमीटर पश्चिम में और राधा कुंड व वृंदावन के बीच स्थित है। ये मंदिर भगवान श्री कृष्ण और गौमाता को समर्पित मुख्य मंदिर। इसमें श्री कृष्ण, बहुला गाय, उसका बछड़ा, एक ब्राह्मण और एक बाघ की मूर्तियाँ स्थापित हैं। मान्यता है कि जब एक बाघ ने बहुला गाय पर हमला किया, तो गाय ने अपने भूखे बछड़े को दूध पिलाने और अपने ब्राह्मण स्वामी से विदा लेने के लिए वापस लौटने का वचन दिया। गाय की सत्यनिष्ठा और प्रतिज्ञा का पालन देखकर बाघ का हृदय परिवर्तित हो गया। स्वयं भगवान कृष्ण ने यहाँ प्रकट होकर बहुला गाय की रक्षा की थी।
2. सप्त गौमाता मंदिर (सीकर, राजस्थान)
- सप्त गौमाता मंदिर राजस्थान के सीकर जिले के प्रसिद्ध रेवासा (रैवासा) धाम में स्थित है। यह राजस्थान का पहला और भारत का चौथा प्रमुख गौमाता मंदिर माना जाता है। अरावली पर्वत श्रृंखलाओं के शांत वातावरण के बीच स्थित यह मंदिर गौ-भक्तों के लिए आस्था का एक बड़ा केंद्र है। इस मंदिर के गर्भगृह में गौमाता की काले संगमरमर (पत्थर) से निर्मित अत्यंत सुंदर और आकर्षक मूर्ति स्थापित है मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालु न केवल मूर्ति रूप में बल्कि साक्षात गौवंश की सेवा और परिक्रमा करके पुण्य लाभ कमाते हैं।
3. गौ माता मंदिर (काशी, उत्तर प्रदेश)
- काशी (वाराणसी) का गौ माता मंदिर सनातन धर्म की परंपराओं को जीवंत रूप में प्रदर्शित करने वाला एक अत्यंत अनूठा और आधुनिक धार्मिक स्थल है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ मूर्तियों के बजाय साक्षात जीवित गायों की पूजा की जाती है। यह मंदिर उन श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से बनाया गया है जो शहरों में रहने के कारण नियमित रूप से गायों के दर्शन या उनकी सेवा नहीं कर पाते हैं। इस मंदिर के गर्भगृह में किसी पत्थर या धातु की मूर्ति नहीं है। यहाँ गीर और साहीवाल जैसी उच्च भारतीय नस्ल की जीवित गायों को रखा जाता है। भक्त सीधे गौमाता के दर्शन करते हैं, उन्हें स्पर्श करते हैं और अपने हाथों से चारा खिलाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- 1. गाय को ‘गौमाता’ क्यों कहा जाता है?
- सनातन धर्म में गाय को माता इसलिए माना जाता है क्योंकि वह मनुष्य का पालन-पोषण ठीक एक माता के समान करती है। इसके दूध, दही, घी, और गोमूत्र जैसे पंचगव्य शरीर को निरोगी और स्वस्थ रखते हैं ।
- 2. गौमाता की उत्पत्ति कैसे हुई?
- पौराणिक कथाओं (विशेषकर ब्रह्मवैवर्त पुराण) के अनुसार, गौमाता की उत्पत्ति गोलोक (भगवान कृष्ण के धाम) में हुई थी भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन में रासलीला के दौरान अपने शरीर के बाईं ओर से बछड़े के साथ पहली सुरभि (कामधेनु) नाम की गौमाता को उत्पन्न उत्पन्न किया था
- 3. ‘पंचगव्य’ क्या है और इसका क्या महत्व है?
- पंचगव्य गौमाता से प्राप्त पांच पवित्र और औषधीय तत्वों का मिश्रण है: गाय का दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर आयुर्वेद के अनुसार, इनका उपयोग विभिन्न शारीरिक बीमारियों को दूर करने और घर-आंगन को शुद्ध व बैक्टीरिया-मुक्त (जीवाणुरहित) करने के लिए किया जाता है
- 4. गौ सेवा करने से क्या लाभ मिलता है?
- गौमाता की नियमित सेवा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है मान्यता है कि गौमाता को नित्य रोटी खिलाने और उनकी पीठ के कुबड़ (जहां सूर्य केतु नाड़ी होती है) पर हाथ फेरने से कई रोग और वास्तु दोष दूर हो जाते हैं
- 5. गौमाता की परिक्रमा करने का क्या महत्व है?
- शास्त्रों के अनुसार, गौमाता के शरीर में समस्त तीर्थ और देवी-देवता निवास करते हैं। इसलिए, यदि कोई व्यक्ति श्रद्धापूर्वक गौमाता की एक पूरी परिक्रमा करता है, तो उसे पृथ्वी की परिक्रमा करने के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।
You can download Complete Shri Gau mata Aarti in PDF Format in Hindi
आप सम्पूर्ण श्री गौमाता आरती हिंदी मे यहाँ से डाउनलोड कर सकते है
You can download Complete Shri Gau mata Aarti in PHOTO
आप सम्पूर्ण श्री गौमाता आरती हिंदी में फोटो मे यहाँ से डाउनलोड कर सकते है
You can also read Shri Gau mata Aarti Lyrics in English

