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आरती (Aarti)

श्री बांके बिहारी आरती (Shri Banke Bihari Aarti)

जुलाई 18, 2025 अमित भारद्वाज 0 comments

श्री बांके बिहारी आरती: ये आरती श्री बांके बिहारी जी को समर्पित है। बांके बिहारी जी भगवान श्रीकृष्ण का एक अत्यंत आकर्षक और मधुर स्वरूप हैं। “बांके” का अर्थ है तीन स्थानों से मुड़े हुए और “बिहारी” का अर्थ है आनंदपूर्वक विहार करने वाले। इस प्रकार बांके बिहारी नाम भगवान श्रीकृष्ण के उस रूप को दर्शाता है जिसमें वे अपनी त्रिभंगी मुद्रा में बांसुरी बजाते हुए भक्तों को मोहित करते हैं। मान्यता के अनुसार वृंदावन के महान संत स्वामी हरिदास की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी ने उन्हें दिव्य दर्शन दिए। भक्तों के आग्रह पर यही दिव्य स्वरूप बांके बिहारी जी के रूप में प्रकट हुआ। बाद में वृंदावन में भव्य मंदिर की स्थापना की गई, जो आज विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल है। ये मंदिर देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यह प्रतिदिन हजारों भक्त बांके बिहारी जी के दर्शन और आरती में शामिल होकर उनकी कृपा प्राप्त करने की कामना करते हैं। श्री बांके बिहारी आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह भक्त और भगवान के बीच प्रेम, श्रद्धा और समर्पण का अद्भुत संगम है।

श्री बांके बिहारी आरती हिन्दी में
(Shri Banke Bihari Aarti
in Hindi)

श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,
हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।
आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,
श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं ।
॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..

मोर मुकुट प्यारे शीश पे सोहे,
प्यारी बंसी मेरो मन मोहे ।
देख छवि बलिहारी मैं जाऊं ।
॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..

चरणों से निकली गंगा प्यारी,
जिसने सारी दुनिया तारी ।
मैं उन चरणों के दर्शन पाऊं ।
॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..

दास अनाथ के नाथ आप हो,
दुःख सुख जीवन प्यारे साथ आप हो ।
हरी चरणों में शीश झुकाऊं ।
॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..

श्री हरीदास के प्यारे तुम हो ।
मेरे मोहन जीवन धन हो।
देख युगल छवि बलि बलि जाऊं ।
॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..

श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,
हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।
आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,
श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं ।

श्री बांके बिहारी आरती इंग्लिश में
(Shri Banke Bihari Aarti
in English)

Shri Banke Bihari Teri Aarti Gaoon,
Hey Giridhar Teri Aarti Gaoon ।
Aarti Gaoon Pyare Aapako Rijhaoon,
Shyam Sundar Teri Aarti Gaoon ।
॥ Shri Banke Bihari Teri Aarti Gaoon..॥

Mor Mukut Pyare Sheesh Pe Sohe,
Pyari Bansi Mero Man Mohe ।
Dekh Chhavi Balihari Main Jaoon ।
॥ Shri Banke Bihari Teri Aarti Gaoon..॥

Charanon Se Nikali Ganga Pyari,
Jisane Sari Duniya Tari ।
Main Un Charanon Ke Darshan Paoon ।
॥ Shri Banke Bihari Teri Aarti Gaoon..॥

Das Anath Ke Nath Aap Ho,
Duhkh-Sukh Jeevan Pyare Sath Aap Ho ।
Hari Charanon Mein Sheesh Jhukaoon ।
॥ Shri Banke Bihari Teri Aarti Gaoon..॥

Shri Haridas Ke Pyare Tum Ho,
Mere Mohan Jeevan Dhan Ho ।
Dekh Yugal Chhavi Bali-Bali Jaoon ।
॥ Shri Banke Bihari Teri Aarti Gaoon..॥

Shri Banke Bihari Teri Aarti Gaoon,
Hey Giridhar Teri Aarti Gaoon ।
Aarti Gaoon Pyare Aapako Rijhaoon,
Shyam Sundar Teri Aarti Gaoon ।

श्री बांके बिहारी जी के प्रसिद्ध मंदिर (Shri Banke Bihari Famous Temples)

1.बाँके बिहारी मंदिर , उत्तर प्रदेश

बाँके बिहारी मंदिर उत्तर प्रदेश के मथुरा के वृंदावन में स्थित है, जहाँ भगवान श्री कृष्ण और राधा की एकीकृत स्वरूप की पूजा होती है। इस मंदिर में भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा की जाती है। मंदिर का इतिहास 19वीं शताब्दी का है जब इसका निर्माण वर्ष 1864 में हुआ था। यह मंदिर महान संत और कवि स्वामी हरिदास से जुड़ा हुआ है, जो भगवान कृष्ण के अनन्य भक्त थे। माना जाता है कि भगवान कृष्ण ने स्वामी हरिदास को आशीर्वाद दिया और उन्हें बांके बिहारी की मूर्ति प्रदान की थी जिसे बाद बाँके बिहारी मंदिर में मूर्ति की प्रतिष्ठित किया गया।

2. श्री बिहारी जी मंदिर (भरतपुर, राजस्थान)

राजस्थान के भरतपुर में स्थित श्री बांके बिहारी जी मंदिर वहाँ के राजा और प्रजा दोनों के आराध्य देव का प्रमुख केंद्र है। मंदिर में स्थापित काले पत्थर की अलौकिक प्रतिमा को लगभग 600 वर्ष पुराना माना जाता है। यहाँ बांके बिहारी जी के दर्शन और पूजा की पद्धति बिल्कुल वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर जैसी ही है। ठाकुर जी के सामने बार-बार पर्दा डालने और हटाने की अनूठी परंपरा यहाँ भी निभाई जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

  • 1. ‘बांके बिहारी’ नाम का अर्थ क्या है?
  • बांके का अर्थ है “तीन स्थानों से मुड़ा हुआ” (त्रिभंग मुद्रा), और बिहारी का अर्थ है “सर्वोच्च रसिक”। भगवान कृष्ण की त्रिभंग मुद्रा वाली छवि को ही बांके बिहारी कहा जाता है।
  • 2. बांके बिहारी जी का प्राकट्य कब और कैसे हुआ था?
  • यह विग्रह किसी मानव द्वारा नहीं बनाया गया था। 16वीं सदी में स्वामी हरिदास अपने संगीत में इतने लीन रहते थे कि राधा-कृष्ण उनके सामने प्रकट हो गए। स्वामी जी की विनती पर, युगल जोड़ी एकाकार (एक रूप) हो गई और एक काले रंग के विग्रह के रूप में प्रकट हुई, जिसे बांके बिहारी कहा गया।
  • 3. बांके बिहारी मंदिर की स्थापना किसने और कब की थी?
  • स्वामी हरिदास जी की पूजा में जो विग्रह प्रकट हुआ था, वह मूल रूप से निधिवन में स्थित था। बाद में, स्वामी जी के वंशजों और शिष्यों ने सामूहिक प्रयास से 1864 में वर्तमान मंदिर का निर्माण किया और विग्रह को यहाँ स्थापित कर दिया।
  • 4. बांके बिहारी जी का ‘आधा श्रृंगार नारी’ का और ‘आधा पुरुष’ का क्यों होता है?
  • विग्रह का बायां भाग श्री राधा रानी का माना जाता है और दायां भाग श्री कृष्ण का। इसी कारण ठाकुर जी के अंग विशेष में आभूषण और वस्त्रों का संयोजन इस प्रकार किया जाता है कि उसमें आधी छवि महिला (राधा जी) की और आधी पुरुष (कृष्ण जी) की परिलक्षित होती है
  • 5. निधिवन और बांके बिहारी जी के बीच क्या संबंध है?
  • मान्यता है कि बांके बिहारी जी का मूल प्राकट्य स्थल निधिवन ही है। ब्रज की लोक मान्यताओं के अनुसार, आज भी ठाकुर जी हर रात मंदिर छोड़कर निधिवन जाते हैं, जहाँ वे राधा रानी और गोपियों के साथ महारास रचाते हैं। इसी कारण निधिवन में शाम के बाद किसी को भी रुकने की अनुमति नहीं होती।
  • 6. बांके बिहारी मंदिर में बार-बार पर्दा क्यों डाला जाता है?
  • मान्यता है कि बांके बिहारी जी अत्यंत चंचल और बाल रूप में हैं। लोक कथाओ के अनुसार एक बार एक अत्यंत भावुक और निश्छल भक्त ठाकुर जी के दर्शन के लिए आया। वह गर्भगृह के सामने खड़े होकर बिना पलक झपकाए भगवान की मनमोहक सूरत को निहारता रहा। भक्त की भक्ति और प्रेम से वशीभूत होकर बांके बिहारी जी उसके पीछे-पीछे चल दिए। जब मंदिर के सेवायत पुजारियों ने देखा कि भगवान अपने स्थान पर नहीं है, तो वे परेशान हो गए। पुजारियों ने भगवान को ढूंढकर उनसे वापस आने की प्रार्थना की। इस घटना के बाद यह नियम बनाया गया कि भक्तों को लगातार एकटक देखने से रोकने के लिए हर कुछ सेकंड या मिनटों के अंतराल पर पर्दा डाला जाएगा।

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You can also read Shri Banke Bihari Aarti Lyrics in English

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