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आरती (Aarti)

जानकी माता आरती (janki Mata Aarti )

जुलाई 18, 2025 अमित भारद्वाज 0 comments

जानकी माता आरती: ये आरती हिंदू धर्म में अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ गाई जाने वाली आरतियों में से एक है। जानकी माता, जिन्हें माता सीता के नाम से भी जाना जाता है, वह मिथिला के राजा जनक की दत्तक पुत्री और भगवान श्रीराम की अर्धांगिनी है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, माता सीता को देवी लक्ष्मी का अवतार और ‘भूमि देवी‘ (धरती माता) की पुत्री माना जाता है। माता जानकी का जन्म मिथिला के राजा जनक के यहाँ हुआ था, इसलिए उन्हें जानकी कहा जाता है। राजा जनक ने उन्हें धरती की गोद से प्राप्त किया था, इसलिए उन्हें भूमिजा भी कहा जाता है। माता सीता का विवाह भगवान श्रीराम से हुआ, जो स्वयं मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाते हैं। श्रीराम और सीता का संबंध आदर्श दांपत्य जीवन का प्रतीक माना जाता है। जानकी माता आरती का पाठ करने से भक्तों के मन में भक्ति, संयम और पारिवारिक सुख की भावना बढ़ती है। ऐसा माना जाता है कि नियमित रूप से जानकी माता की आरती करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहती है।

जानकी माता आरती हिन्दी में
(janki Mata Aarti in Hindi)

॥ जानकी माता आरती ॥
आरती कीजै श्रीजनक लली की।
राममधुपमन कमल कली की॥

आरती कीजै श्रीजनक लली की…॥

रामचन्द्र, मुखचन्द्र चकोरी।
अन्तर साँवर बाहर गोरी।
सकल सुमन्गल सुफल फली की॥

आरती कीजै श्रीजनक लली की…॥

पिय दृगमृग जुग-वन्धन डोरी,
पीय प्रेम रस-राशि किशोरी।
पिय मन गति विश्राम थली की॥

आरती कीजै श्रीजनक लली की…॥

रूप-रास गुननिधि जग स्वामिनि,
प्रेम प्रवीन राम अभिरामिनि।
सरबस धन हरिचन्द अली की॥

आरती कीजै श्रीजनक लली की…॥ 

जानकी माता आरती इंग्लिश में
(janki Mata Aarti in English)

Aarti Kijai Shrijanaka Lali Ki।
Ramamadhupamana Kamala Kali Ki॥

Aarti Kijai Shrijanaka Lali Ki…॥

Ramachandra, Mukhachandra Chakori।
Antara Samvara Bahara Gori।
Sakala Sumangala Suphala Phali Ki॥

Aarti Kijai Shrijanaka Lali Ki…॥

Piya Driganriga Juga-Vandhana Dori,
Piya Prema Rasha Rashi Kishori।
Piya Mana Gati Vishrama Thali Ki॥

Aarti Kijai Shrijanaka Lali Ki…॥

Rupa-Rasa Gunanidhi Jaga Swamini,
Prema Pravina Rama Abhiramini।
Sarabasa Dhana Harichanda Ali Ki॥

Aarti Kijai Shrijanaka Lali Ki…॥

माँ जानकी के प्रसिद्ध मंदिर (Maa janki Famous Temples)

1.जानकी मंदिर, जनकपुर धाम (नेपाल)

  • ये माता सीता को समर्पित विश्व का सबसे भव्य और प्रसिद्ध मंदिर है, जिसे ‘नौलाखा मंदिर’ भी कहा जाता है। रामायण काल में यह राजा जनक की नगरी मिथिला की राजधानी थी इस भव्य मंदिर का निर्माण टीकमगढ़ (मध्य प्रदेश) की महारानी वृषभानु कुमारी ने करवाया था। उस समय (1894 से 1910 के बीच) इसके निर्माण में 9 लाख रुपये खर्च हुए थे, जिसके कारण इसे ‘नौलाखा मंदिर’ नाम मिला। यहाँ माता जानकी और भगवान श्रीराम की अत्यंत सुंदर और आदमकद मूर्तियाँ स्थापित हैं। मंदिर परिसर के ठीक बगल में विवाह मंडप है। मान्यता है कि इसी मंडप में भगवान राम और माता सीता का विवाह संपन्न हुआ था।

2. जानकी स्थान और पुनौरा धाम, सीतामढ़ी (बिहार)

  • ये मंदिर माता सीता का वास्तविक प्राकट्य स्थली (जन्मस्थान) माने जाते हैं। रामायण काल में यह क्षेत्र राजा जनक के मिथिला राज्य का हिस्सा था मान्यता है कि जब मिथिला में भीषण अकाल पड़ा था, तब राजा जनक ने इस स्थान पर सोने का हल चलाया था। हल चलाते समय मिट्टी के घड़े से माता सीता प्रकट हुई थीं। हाँ एक सुंदर जानकी सरोवर (कुंड) है, जिसके बारे में माना जाता है कि इसमें स्नान करने से संतान सुख मिलता है। परिसर में सीता माता, राजा जनक और ऋषि सुनयन की प्रतिमाएं हैं।

3.करीला धाम, अशोकनगर (मध्य प्रदेश)

  • भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहाँ भगवान श्रीराम के बिना केवल माता सीता की पूजा की जाती है। यह पावन स्थल लव-कुश की जन्मस्थली के रूप में विश्व प्रसिद्ध है रामायण काल के अनुसार, जब भगवान राम ने माता सीता का परित्याग किया था, तब महर्षि वाल्मीकि ने उन्हें इसी करीला की पहाड़ियों पर बने अपने आश्रम में आश्रय दिया था। इसी स्थान पर माता सीता ने अपने जुड़वां बेटों, लव और कुश को जन्म दिया था। इसलिए यहाँ माता सीता अपने मातृत्व रूप में बिना श्रीराम के विराजमान हैं। उनके साथ वाल्मीकि जी की प्रतिमा भी स्थापित है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

  • 1. माता सीता कौन थीं?
  • हिंदू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता सीता को देवी लक्ष्मी का अवतार और ‘भूमि देवी’ (धरती माता) की पुत्री माना जाता है। वह मिथिला के राजा जनक की दत्तक पुत्री थीं।
  • 2. माता सीता का जन्म कैसे हुआ था?
  • वाल्मीकि रामायण के अनुसार, मिथिला में एक बार भयंकर सूखा पड़ा था। वर्षा की कामना के लिए जब राजा जनक खेत में हल चला रहे थे, तब उन्हें हल के फाल से टकराकर धरती से एक सोने की डलिया मिली, जिसमें एक नवजात कन्या (सीता) सुरक्षित थीं। चूँकि वह गर्भ से उत्पन्न नहीं हुई थीं, इसलिए उन्हें ‘अयोनिशा’ भी कहा जाता है
  • 3. माता सीता का जन्मस्थान कहाँ है?
    माता सीता के जन्मस्थान को लेकर मुख्य रूप से दो स्थानों पर मान्यता है:
  • जनकपुर: वर्तमान में नेपाल में स्थित है, जहाँ भव्य जानकी मंदिर बना हुआ है।
  • सीतामढ़ी: भारत के बिहार राज्य में स्थित पुनौरा धाम को भी माता सीता का जन्मस्थान माना जाता है।
  • 4. माता सीता का विवाह किससे हुआ था?
  • उनका विवाह अयोध्या के राजा दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र और भगवान विष्णु के अवतार श्री राम से हुआ था। यह विवाह राजा जनक द्वारा आयोजित ‘स्वयंवर’ में भगवान शिव के धनुष (पिनाक) को तोड़ने की शर्त पूरी करने के बाद हुआ था।
  • 5. लव और कुश कौन थे?
  • लव और कुश माता सीता और भगवान राम के जुड़वां पुत्र थे। उनका जन्म वाल्मीकि ऋषि के आश्रम में हुआ था, जहाँ वे पले-बढ़े।
  • 6. माता सीता के अन्य नाम क्या हैं?
  • सिया / सीता: हल की नोक (सीत) से प्रकट होने के कारण।
  • मैथिली: मिथिला देश की राजकुमारी होने के कारण।
  • भूमिजा: धरती (भूमि) से उत्पन्न होने के कारण।
  • रमणी: अत्यंत सुंदर होने के कारण।
  • 7. माता सीता की बहनों के नाम क्या थे?
  • राजा जनक की अपनी एक पुत्री थीं, जिनका नाम उर्मिला था (लक्ष्मण जी की पत्नी)। राजा जनक के छोटे भाई कुशध्वज की दो पुत्रियाँ थींमांडवी (भरत जी की पत्नी) और श्रुतकीर्ति (शत्रुघ्न जी की पत्नी)। इस प्रकार चारों बहनें आपस में चचेरी बहनें थीं।
  • 8. माता सीता अंततः कहाँ गईं?
  • अयोध्या लौटने के बाद, जब प्रजा के द्वारा माता सीता के चरित्र पर संदेह किया गया, तब मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने उन्हें राज्य से निष्कासित कर दिया। उस समय माता सीता ने महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में रहकर अपने दोनों पुत्रों को पाला। अपने जीवन के अंतिम चरण में, उन्होंने अपनी पवित्रता की शपथ लेते हुए अपनी माता (धरती) से उन्हें अपनी गोद में लेने की प्रार्थना की। धरती फटी और माता सीता उसमें समा गईं थी।

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