कैला माता आरती: राजस्थान की पावन भूमि में स्थित कैला माता (कैला देवी) का मंदिर भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। कैला देवी मंदिर का इतिहास लगभग 1000 वर्ष पुराना है। करौली जिले के त्रिकूट पर्वत पर कालीसिल नदी के किनारे विराजमान माँ कैला देवी को महालक्ष्मी और महायोगिनी के रूप में पूजा जाता है। ये मंदिर उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में गिना जाता है मान्यता है कि देवी की मूर्ति 11वीं शताब्दी में एक योगी द्वारा नगरकोट से लाई जा रही थी। रास्ते में बैलगाड़ी रुक गई, जिसे देवी की इच्छा मानकर मूर्ति को वहीं स्थापना कर दिया गया था मंदिर का वर्तमान स्वरूप 1723 में करौली रियासत के महाराजा गोपाल सिंह द्वारा बनवाया गया। माँ कैला देवी को चामुंडा माता के साथ विराजमान किया गया है। भक्तों का विश्वास है कि माँ कैला रानी सभी की मनोकामनाएँ पूरी करती हैं और भक्तों की हर विपत्ति दूर करती हैं।
कैला माता आरती हिन्दी में
(Kaila Mata Aarti in Hindi)
ॐ जय कैला रानी,
मैया जय कैला रानी ।
ज्योति अखंड दिये माँ
तुम सब जगजानी ॥
तुम हो शक्ति भवानी
मन वांछित फल दाता ॥
मैया मन वांछित फल दाता ॥
अद्भुत रूप अलौकिक
सदानन्द माता ॥
ॐ जय कैला रानी।
गिरि त्रिकूट पर आप
बिराजी चामुंडा संगा ॥
मैया चामुंडा संगा ॥
भक्तन पाप नसावौं
बन पावन गंगा ॥
ॐ जय कैला रानी।
भक्त बहोरा द्वारे रहता
करता अगवानी ॥
मैया करता अगवानी ॥
लाल ध्वजा नभ चूमत
राजेश्वर रानी ॥
ॐ जय कैला रानी।
नौबत बजे भवन में
शंक नाद भारी ॥
मैया शंक नाद भारी ॥
जोगन गावत नाचत
दे दे कर तारी ॥
ॐ जय कैला रानी।
ध्वजा नारियल रोली
पान सुपारी साथा ॥
मैया पान सुपारी साथा ॥
लेकर पड़े प्रेम से
जो जन यहाँ आता ॥
ॐ जय कैला रानी ।
दर्श पार्श कर माँ के
मुक्ती जान पाता ॥
मैया मुक्ती जान पाता ॥
भक्त सरन है तेरी
रख अपने साथा ॥
ॐ जय कैला रानी ।
कैला जी की आरती
जो जन है गाता ॥
मैया जो जन है गाता ॥
भक्त कहे भव सागर
पार उतर जाता ॥
ॐ जय कैला रानी,
मैया जय कैला रानी ।
ज्योति अखंड दिये माँ
तुम सब जगजानी ॥
कैला माता आरती इंग्लिश में
(Kaila Mata Aarti in English)
Om Jai Kaila Rani,
Maiya Jai Kaila Rani ।
Jyoti Akhand Diye Maa
Tum Sab Jagjani ॥
Tum Ho Shakti Bhavani
Man Vanchhit Phal Data ॥
Adbhut Roop Alaukik
Sadanand Mata ॥
Om Jai Kaila Rani।
Giri Trikut Par Aap
Biraji Chamunda Sanga ॥
Bhaktan Paap Nasavaun
Ban Pavan Ganga ॥
Om Jai Kaila Rani।
Bhakt Bahora Dware Rahta
Karta Agvani ॥
Laal Dhwaja Nabh Chumat
Rajeshwar Rani ॥
Om Jai Kaila Rani।
Naubat Baje Bhavan Mein
Shank Naad Bhari ॥
Jogan Gavat Nachat
De De Kar Tari ॥
Om Jai Kaila Rani ।
Dhwaja Nariyal Roli
Pan Supari Satha ॥
Lekar Pade Prem Se
Jo Jan Yahan Aata ॥
Om Jai Kaila Rani।
Darsh Parsh Kar Maa Ke
Mukti Jaan Pata ॥
Bhakt Saran Hai Teri
Rakh Apne Satha ॥
Om Jai Kaila Rani।
Kaila Ji Ki Aarti
Jo Jan Hai Gata ॥
Bhakt Kahe Bhav Sagar
Paar Utar Jata ॥
Om Jai Kaila Rani,
Maiya Jai Kaila Rani ।
Jyoti Akhand Diye Maa
Tum Sab Jagjani ॥
कैला माता के प्रसिद्ध मंदिर (Kaila Mata Famous Temples)
1. श्री कैला देवी मंदिर, करौली (राजस्थान)
- यह कैला माता का मुख्य और सबसे प्रसिद्ध मंदिर है इसे उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में गिना जाता है यह राजस्थान के करौली जिले में त्रिकूट पर्वत की घाटियों और कालीसिल नदी के किनारे स्थित है यहाँ हर साल चैत्र नवरात्रि के दौरान एक विशाल ‘लखी मेला’ आयोजित होता है, जहाँ लाखों श्रद्धालु पहुँचते हैं माता के साथ ही यहाँ ‘लांगुरिया’ (हनुमान जी) का मंदिर भी है
2. कैला देवी मंदिर, बयाना (भरतपुर, राजस्थान)
- यह मंदिर भरतपुर-बयाना मार्ग पर स्थित है इस मंदिर में मौजूद माता कैला देवी और महालक्ष्मी की प्रतिमाओं को द्वापरयुगीन माना जाता है भरतपुर रियासत के महाराजाओं द्वारा इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया था और माँ कैला देवी उनकी कुलदेवी मानी जाती है
3. माँ केला देवी मंदिर, संभल (उत्तर प्रदेश)
- राजस्थान के बाहर कैला माता का प्रसिद्ध मंदिर उत्तर प्रदेश के संभल के भूड़ इलाके में स्थित है。 यहाँ भी नवरात्रि के दौरान भारी संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं इन मंदिरों में दर्शन करने के लिए सबसे उत्तम समय चैत्र और शारदीय नवरात्रि का होता है करौली मुख्य मंदिर के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन गंगापुर सिटी या हिंडौन है, और हवाई अड्डा जयपुर (लगभग 150 किमी दूर) है
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- 1. कैला माता कौन हैं और उनका जन्म कैसे हुआ?
- पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कैला माता भगवान कृष्ण की बहन और महामाया का ही स्वरूप हैं जब कंस ने देवकी और वासुदेव को बंदी बनाया था, तब नंद-यशोदा के यहाँ जन्मी कन्या को वासुदेव कंस के पास ले गए थे कंस द्वारा मारे जाने के प्रयास के दौरान वे अपना दिव्य रूप दिखाकर आकाश में विलीन हो गई थीं और उन्होंने घोषणा की थी कि कृष्ण सुरक्षित हैं।
- 2. कैला देवी का मुख्य मंदिर कहाँ स्थित है?
- उनका मुख्य और ऐतिहासिक मंदिर राजस्थान के करौली शहर से लगभग 25 किलोमीटर दूर त्रिकूट पर्वत की घाटी में स्थित है।
- 3. कैला माता किनकी कुलदेवी हैं?
- कैला माता करौली के जादौन (यादव) राजवंश की कुलदेवी है इसके अलावा, वे मीणा, गुर्जर और अन्य स्थानीय समुदायों की भी आराध्य देवी हैं
- 4. कैला माता के मंदिर में ‘लांगुरिया’ का क्या महत्व है?
- लांगुरिया कैला माता के अनन्य भक्त हनुमान जी (जो कि बाल रूप में माने जाते हैं) का रूप है माता की आराधना और स्तुति में गाए जाने वाले भक्ति गीतों को ‘लांगुरिया’ कहा जाता है जो इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है।
- 5. कैला देवी का लक्खी मेला कब और कहाँ लगता है?
- कैला देवी धाम में प्रतिवर्ष चैत्र कृष्ण अष्टमी (नवरात्रि के दौरान) को एक विशाल लक्खी मेला आयोजित किया जाता है जिसे राजस्थान का ‘लघु कुंभ’ भी कहा जाता है इस मेले में लाखों श्रद्धालु पदयात्रा कर के दर्शन के लिए आते हैं
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