भगवान धर्मराज आरती : भगवान यमराज को धर्मराज के नाम से जाना जाता है उन्हें विश्व में धर्मराज की उपाधि दी गयी है जो धर्म का पालन करवाने का कार्य करते हैं। विश्व के सभी प्राणियों के सत्कर्मों और दुष्कर्मों का लेखा-जोगा रखते हैं। उन्हीं की आज्ञा के अनुसार ही मनुष्य को उसके पाप व पुण्य का फल प्राप्त होता हैं। जो व्यक्ति सच्चे मन के साथ धर्मराज जी का ध्यान कर भगवान धर्मराज आरती का पाठ करता है, मृत्यु के देवता यमराज उससे अवश्य ही प्रसन्न होते हैं। विवाहित महिलाएं वट सावित्री व्रत , करवा चौथ व्रत, कर भगवान धर्मराज से अपने पति की लंबी आयु की मनोकामना करती है भगवान धर्मराज आरती का पाठ करने से व्यक्ति की अकाल मृत्यु नहीं होती है।
भगवान धर्मराज आरती हिन्दी में
(Bhagwan Dharmraj Aarti in Hindi)
ॐ जय जय धर्म धुरन्धर,
जय लोकत्राता ।
धर्मराज प्रभु तुम ही,
हो हरिहर धाता ॥
जय देव दण्ड पाणिधर यम तुम,
पापी जन कारण ।
सुकृति हेतु हो पर तुम,
वैतरणी ताराण ॥
न्याय विभाग अध्यक्ष हो,
नीयत स्वामी ।
पाप पुण्य के ज्ञाता,
तुम अन्तर्यामी ॥
दिव्य दृष्टि से सबके,
पाप पुण्य लखते ।
चित्रगुप्त द्वारा तुम,
लेखा सब रखते ॥
छात्र पात्र वस्त्रान्न क्षिति,
शय्याबानी ।
तब कृपया, पाते हैं,
सम्पत्ति मनमानी ॥
द्विज, कन्या, तुलसी,
का करवाते परिणय ।
वंशवृद्धि तुम उनकी,
करते नि:संशय ॥
दानोद्यापन-याजन,
तुष्ट दयासिन्धु ।
मृत्यु अनन्तर तुम ही,
हो केवल बन्धु ॥
धर्मराज प्रभु,
अब तुम दया ह्रदय धारो ।
जगत सिन्धु से स्वामिन,
सेवक को तारो ॥
धर्मराज जी की आरती,
जो कोई नर गावे ।
धरणी पर सुख पाके,
मनवांछित फल पावे ॥
भगवान धर्मराज आरती इंग्लिश में
(Bhagwan Dharmraj Aarti in English)
Om Jai Jai Dharm Dhurandhar,
Jai Loktrata ।
Dharmraj Prabhu Tum Hi,
Ho Harihar Dhata ॥
Jai Dev Dand Panidhar Yam Tum,
Papi Jan Karan ।
Sukrti Hetu Ho Par Tum,
Vaitarani Taran ॥ 2 ॥
Nyay Vibhag Adhyaksh Ho,
Neeyat Swami ।
Paap Puny Ke Gyata,
Tum Antaryami .3.
Divy Drshti Se Sabke,
Paap Puny Lakhte ।
Chitrgupt Dwara Tum,
Lekha Sab Rakhte ॥ 4 ॥
Chhaatr Paatr Vastrann Kshiti,
Shayyabani ।
Tab Krpaya, Pate Hain,
Sampatti Manmani ॥ 5 ॥
Dvij, Kanya, Tulasi,
Ka Karwate Parinay ।
Vanshavrddhi Tum Unki,
Karte Ni:sanshay ॥ 6 ॥
Danodyapan-yajan,
Tusht Dayasindhu ।
Mrtyu Anantar Tum Hi,
Ho Keval Bandhu ॥ 7 ॥
Dharmraj Prabhu,
Ab Tum Daya Hraday Dharo ।
Jagat Sindhu Se Swamin,
Sevak Ko Taro ॥ 8 ॥
Dharmraj Ji Ki Aarti,
Jo Koi Nar Gave ।
Dharni Par Sukh Pake,
Manvanchhit Phal Pave ॥ 9 ॥
भगवान धर्मराज के प्रसिद्ध मंदिर (Bhagwan Dharmraj Famous Temples)
1. यम धर्मराज मंदिर – तिरुचित्रमबलम, तमिलनाडु
- यह दक्षिण भारत में भगवान यमराज को समर्पित सबसे प्रमुख मंदिरों में से एक है। मान्यता है कि कामदेव को जब भगवान शिव ने भस्म कर दिया था, तब यमराज की प्रार्थना पर ही शिव जी ने कामदेव को यहाँ पुनर्जीवित किया था। ईस मंदिर में यमराज के साथ उनके सहायक चित्रगुप्त की भी मूर्ति स्थापित है।
2. श्री यम धर्मराज मंदिर – धर्मपुरी, तेलंगाना
- यह तेलंगाना के धर्मपुरी में गोदावरी नदी के तट पर स्थित एक प्राचीन मंदिर है। ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में दर्शन करने से व्यक्ति को यम की यातनाओं और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है। अक्सर लोग यहाँ गोदावरी में स्नान के बाद पूजा करने आते हैं।
3. तिरुप्पायनजीली यम धर्मराज मंदिर – त्रिची, तमिलनाडु
- तिरुचिरापल्ली (त्रिची) के पास स्थित यह एक अत्यंत प्राचीन शिव मंदिर परिसर है। यहाँ भगवान शिव ने यमराज को पुनर्जीवित कर उन्हें उनका पद वापस लौटाया था। मंदिर के भीतर एक गुफानुमा गर्भगृह है, जहाँ यमराज की एक दुर्लभ प्रतिमा भी स्थापित है
4. धर्मराज मंदिर – पाई बाग, भरतपुर, राजस्थान
उत्तर भारत में राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित यह धर्मराज (यमराज) का एक प्राचीन मंदिर है। स्थानीय लोगों के बीच इस मंदिर की गहरी मान्यता है। यहाँ विशेष अवसरों और यम द्वितीया (भाई दूज) के दिन विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
5. यमराज मंदिर – करीमनगर, तेलंगाना
यह तेलंगाना के करीमनगर क्षेत्र में स्थित यमराज को समर्पित एक और विशिष्ट मंदिर है। इस मंदिर का इतिहास भी न्याय के देवता यमराज की पूजा और कर्मों के फल की धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा हुआ है।.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1.धर्मराज का दूसरा नाम क्या है?
- धर्मराज को हम कई नामों से जानते हैं जिनमें से मुख्य नाम यमराज या यम है। इसके अलावा धर्मराज को मृत्यु के देवता या काल के नाम से भी जाना जाता है।
2.धर्मराज की माता कौन है?
- धर्मराज की माता का नाम सरण्यू है किन्तु यदि आप युधिष्ठिर जो धर्मराज के अवतार थे, उनकी माता का नाम जानना चाहते हैं तो युधिष्ठिर की माता का नाम कुंती है।
3.धर्मराज के पिता का क्या नाम था?
- धर्मराज जिन्हें हम यमराज के नाम से भी जानते हैं, उनके पिता का नाम सूर्य देव है। वहीं धर्मराज के अवतार युधिष्ठिर के पिता का नाम पांडू है।
4. धर्मराज किसे और क्यों कहा गया है?
- धर्मराज मृत्यु के देवता यमराज को कहा गया है। अब उन्हें धर्मराज इसलिए कहा गया है क्योंकि वे मनुष्यों के सभी पापों व पुण्यों का लेखा-जोगा रखते हैं और उसी के अनुसार ही उसको फल देते हैं।
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