श्री भगवद्‍ गीता आरती 
आरती (Aarti)

श्री भगवद्‍ गीता आरती 

जय भगवद् गीते,जय भगवद् गीते ।हरि-हिय-कमल-विहारिणि,सुन्दर सुपुनीते ॥ कर्म-सुमर्म-प्रकाशिनि,कामासक्तिहरा ।तत्त्वज्ञान-विकाशिनि,विद्या ब्रह्म परा ॥जय भगवद् गीते...॥ निश्चल-भक्ति-विधायिनि,निर्मल मलहारी ।शरण-सहस्य-प्रदायिनि,सब विधि सुखकारी ॥जय भगवद् गीते...॥ राग-द्वेष-विदारिणि,कारिणि मोद सदा ।भव-भय-हारिणि,तारिणि परमानन्दप्रदा ॥जय भगवद् गीते...॥ आसुर-भाव-विनाशिनि,नाशिनि तम रजनी ।दैवी सद्...
श्री चित्रगुप्त जी की आरती - श्री विरंचि कुलभूषण
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श्री चित्रगुप्त जी की आरती – श्री विरंचि कुलभूषण

श्री विरंचि कुलभूषण,यमपुर के धामी ।पुण्य पाप के लेखक,चित्रगुप्त स्वामी ॥ सीस मुकुट, कानों में कुण्डल,अति सोहे ।श्यामवर्ण शशि सा मुख,सबके मन मोहे ॥ भाल तिलक से भूषित,लोचन सुविशाला ।शंख सरीखी गरदन,गले में मणिमाला ॥ अर्ध...
धर्मराज आरती - धर्मराज कर सिद्ध काज
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धर्मराज आरती – धर्मराज कर सिद्ध काज

धर्मराज कर सिद्ध काज,प्रभु मैं शरणागत हूँ तेरी ।पड़ी नाव मझदार भंवर में,पार करो, न करो देरी ॥॥ धर्मराज कर सिद्ध काज..॥ धर्मलोक के तुम स्वामी,श्री यमराज कहलाते हो ।जों जों प्राणी कर्म करत हैं,तुम सब...
भगवान धर्मराज आरती - ॐ जय धर्म धुरन्धर
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भगवान धर्मराज आरती – ॐ जय धर्म धुरन्धर

ॐ जय जय धर्म धुरन्धर,जय लोकत्राता ।धर्मराज प्रभु तुम ही,हो हरिहर धाता ॥ जय देव दण्ड पाणिधर यम तुम,पापी जन कारण ।सुकृति हेतु हो पर तुम,वैतरणी ताराण ॥ न्याय विभाग अध्यक्ष हो,नीयत स्वामी ।पाप पुण्य के...
श्री ललिता माता की आरती
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ललिता माता की आरती

श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी ।राजेश्वरी जय नमो नमः ॥ करुणामयी सकल अघ हारिणी ।अमृत वर्षिणी नमो नमः ॥ जय शरणं वरणं नमो नमः ।श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी ॥ अशुभ विनाशिनी, सब सुख दायिनी ।खल-दल नाशिनी नमो...
माँ शाकुम्भरी देवी जी की आरती
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माँ शाकुम्भरी देवी जी की आरती

हरि ओम श्री शाकुम्भरी अंबा जी की आरती क़ीजोएसी अद्वभुत रूप हृदय धर लीजोशताक्षी दयालू की आरती किजो तुम परिपूर्ण आदि भवानी माँ,सब घट तुम आप भखनी माँशकुंभारी अंबा जी की आरती किजो तुम्ही हो शाकुम्भर,तुम...
श्री सूर्य देव आरती: ऊँ जय कश्यप नन्दन
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श्री सूर्य देव आरती: ऊँ जय कश्यप नन्दन

ऊँ जय कश्यप नन्दन, प्रभु जय अदिति नन्दन।त्रिभुवन तिमिर निकंदन, भक्त हृदय चन्दन॥॥ ऊँ जय कश्यप...॥ सप्त अश्वरथ राजित, एक चक्रधारी।दु:खहारी, सुखकारी, मानस मलहारी॥॥ ऊँ जय कश्यप...॥ सुर मुनि भूसुर वन्दित, विमल विभवशाली।अघ-दल-दलन दिवाकर, दिव्य किरण...
श्री झूलेलाल आरती- ॐ जय दूलह देवा
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श्री झूलेलाल आरती- ॐ जय दूलह देवा

चेटी चंड जैसे त्यौहारों तथा सिंधी समाज के अन्य कार्यक्रमों में सबसे ज्यादा गाई जाने वाली आरती। भगवान झूलेलाल के प्रत्येक मंदिर में यह आरती सुवह-शाम अवश्य गायी जाती है। भगवान झूलेलाल को लाल साई, उदेरो...
श्री शनिदेव आरती: ॐ जय जय शनि महाराज
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श्री शनिदेव आरती: ॐ जय जय शनि महाराज

ॐ जय जय शनि महाराज,स्वामी जय जय शनि महाराज ।कृपा करो हम दीन रंक पर,दुःख हरियो प्रभु आज ॥॥ ॐ जय जय शनि महाराज ॥ सूरज के तुम बालक होकर,जग में बड़े बलवान ।सब देवताओं में...
श्री जानकीनाथ जी आरती
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श्री जानकीनाथ जी की आरती

ॐ जय जानकीनाथा,जय श्री रघुनाथा ।दोउ कर जोरें बिनवौं,प्रभु! सुनिये बाता ॥ ॐ जय..॥ तुम रघुनाथ हमारे,प्राण पिता माता ।तुम ही सज्जन-संगी,भक्ति मुक्ति दाता ॥ ॐ जय..॥ लख चौरासी काटो,मेटो यम त्रासा ।निशदिन प्रभु मोहि रखिये,अपने...
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