श्री राणी सती दादी चालीसा (Shri Rani Sati Dadi Chalisa)
॥ दोहा ॥श्री गुरु पद पंकज नमन,दुषित भाव सुधार,राणी सती सू विमल यश,बरणौ मति अनुसार,काम क्रोध मद लोभ…
॥ दोहा ॥श्री गुरु पद पंकज नमन,दुषित भाव सुधार,राणी सती सू विमल यश,बरणौ मति अनुसार,काम क्रोध मद लोभ…
॥दोहा॥ श्री गुरु गणनायक सिमर,शारदा का आधार । कहूँ सुयश श्रीनाथ का,निज मति के अनुसार । श्री गुरु…
॥ दोहा॥मातु लक्ष्मी करि कृपा,करो हृदय में वास ।मनोकामना सिद्घ करि,परुवहु मेरी आस ॥ ॥ सोरठा॥यही मोर अरदास,हाथ…
॥ दोहा॥शीश नवा अरिहंत को,सिद्धन को, करूं प्रणाम ।उपाध्याय आचार्य का,ले सुखकारी नाम ॥ सर्व साधु और सरस्वती,जिन…
॥ दोहा॥विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय ।कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय । ॥ चौपाई ॥नमो…
॥ दोहा॥बंशी शोभित कर मधुर,नील जलद तन श्याम ।अरुण अधर जनु बिम्बफल,नयन कमल अभिराम ॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द…
॥ दोहा ॥बन्दौ चरण सरोज निज जनक लली सुख धाम,राम प्रिय किरपा करें सुमिरौं आठों धाम ॥कीरति गाथा…
॥ दोहा ॥जय गिरी तनये दक्षजेशम्भू प्रिये गुणखानि ।गणपति जननी पार्वतीअम्बे! शक्ति! भवानि ॥ ॥ चौपाई ॥ब्रह्मा भेद…
॥ दोहा ॥जय ब्रह्मा जय स्वयम्भू,चतुरानन सुखमूल।करहु कृपा निज दास पै,रहहु सदा अनुकूल॥ तुम सृजक ब्रह्माण्ड के,अज विधि…
॥ दोहा ॥श्री राधापद कमल रज,सिर धरि यमुना कूल।वरणो चालीसा सरस,सकल सुमंगल मूल॥ ॥ चौपाई ॥जय जय पूरण…