पूजा-पाठ ( pooja-paath)

Dive into the divine spirit of devotion with the Worship (पूजा-पाठ) Collection at Gyan Ki Baatein. Our sacred पूजा-पाठ संग्रह features powerful 40-verse hymns like Hanuman Chalisa, Durga Chalisa, Laxmi Chalisa, Sai Chalisa, Shiv Chalisa, Ganesh Chalisa, Krishna Chalisa, and the latest देवी-देवता चालीसा. These भक्ति-infused प्रार्थना honor Hindu Gods and Goddesses, bringing peace, prosperity, and spiritual strength. Ideal for devotees and spiritual seekers, our आध्यात्मिक collection enhances your पूजा rituals. Explore the Worship Sangrah now for a soulful धार्मिक अनुभव and deepen your connection with हिंदू धर्म!

पूजा के नियम

मृत्यु के बाद घर में कितने दिन पूजा नहीं करनी चाहिए

हिंदू धर्म में मृत्यु को जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा माना जाता है, जो आत्मा की अनंत यात्रा का एक पड़ाव है। यह समय न केवल परिवार के लिए भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है, बल्कि यह धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का पालन करने का अवसर भी प्रदान करता है। एक सामान्य प्रश्न जो लोगों के मन में उठता है, वह है "मृत्यु के बाद घर में कितने दिन तक पूजा नहीं करनी चाहिए?" यह प्रथा, जिसे सूतक या अशौच कहा जाता है, हिंदू धर्म में गहरे आध्यात्मिक और सामाजिक...
पूजा के नियम

अंतिम संस्कार से पहले और बाद में पूजा करने के नियम

हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार (Antim Sanskar) केवल एक रीति-रिवाज नहीं, बल्कि यह मृत आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए एक पवित्र और आध्यात्मिक प्रक्रिया है। यह समय परिवार के लिए भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से संवेदनशील होता है। अंतिम संस्कार से पहले और बाद में की जाने वाली पूजा (Pooja Before and After Antim Sanskar) न केवल मृत आत्मा को शांति प्रदान करती है, बल्कि जीवित लोगों को भी मानसिक शांति और सांत्वना देती है। यह आर्टिकल अंतिम संस्कार से पहले और बाद में पूजा करने के नियम...
पूजा के नियम

भोग लगाने के समय ध्यान रखने योग्य नियम

भारतीय संस्कृति में भोग लगाना एक पवित्र और आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जो भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। भगवान को भोग अर्पित करना न केवल हमारी आस्था को दर्शाता है, बल्कि यह हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शांति लाने का माध्यम भी है। चाहे आप किसी विशेष अवसर पर भोग लगा रहे हों या दैनिक पूजा का हिस्सा हो, कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है ताकि यह प्रक्रिया पूर्ण रूप से शुद्ध और प्रभावी हो। इस लेख में हम भोग लगाने के नियम (Bhog Lagane Ke Niyam), भोग...
पूजा के नियम

तिलक लगाने के नियम – किस अंग पर क्या अर्थ है | Gyan Ki Baatein

भारतीय संस्कृति में तिलक लगाना एक पवित्र और आध्यात्मिक परंपरा है, जो न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का हिस्सा है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी रखता है। Tilak lagane ke niyam और इसके अर्थ को समझना हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और जीवन में सकारात्मकता लाता है। तिलक, चाहे वह माथे पर हो, गले पर हो, या किसी अन्य अंग पर, हर स्थान का अपना विशेष महत्व है। यह आर्टिकल आपको tilak ke prakar, tilak lagane ka sahi tarika, और विभिन्न अंगों पर तिलक लगाने के अर्थ के बारे...
पूजन सामग्री

पूजा सामग्री कैसे संग्रह करें – शुद्धता बनाए रखने नियम

हिंदू धर्म में पूजा एक पवित्र और आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जो भक्ति, श्रद्धा और शुद्धता का प्रतीक है। पूजा सामग्री का संग्रह और उसकी शुद्धता बनाए रखना न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हमारी आध्यात्मिक ऊर्जा को भी बढ़ाता है। सही पूजा सामग्री का चयन और उसका उचित भंडारण भगवान के प्रति हमारी श्रद्धा को और गहरा करता है। इस लेख में, हम पूजा सामग्री कैसे संग्रह करें और शुद्धता बनाए रखने के नियम के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे। यह लेख प्रेरणादायक और उपयोगी जानकारी...
पूजा-पाठ ( pooja-paath)

क्या महिलाएं शिवलिंग की पूजा कर सकती हैं?

भारतीय संस्कृति में शिवलिंग की पूजा का विशेष महत्व है। भगवान शिव, जिन्हें संहारक और सृजनकर्ता दोनों के रूप में जाना जाता है, हिंदू धर्म में सबसे पूजनीय देवताओं में से एक हैं। उनकी पूजा शिवलिंग के रूप में की जाती है, जो अनंत ऊर्जा, सृजन और शक्ति का प्रतीक है। लेकिन एक सवाल जो अक्सर लोगों के मन में उठता है, वह यह है कि क्या महिलाएं शिवलिंग की पूजा कर सकती हैं? (Can women worship Shivling?) यह प्रश्न न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और...
पूजा-पाठ ( pooja-paath)

गृह प्रवेश में कौन-कौन से देवताओं की पूजा आवश्यक है

नया घर, नई शुरुआत का प्रतीक होता है। यह केवल एक इमारत नहीं, बल्कि सपनों, आशाओं और सुख-समृद्धि का आधार होता है। हिंदू धर्म में, गृह प्रवेश (Griha Pravesh) एक ऐसा पवित्र अनुष्ठान है जो घर में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और समृद्धि को आमंत्रित करता है। यह एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है जिसमें विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा की जाती है ताकि घर का वातावरण शुद्ध और पवित्र बना रहे। लेकिन सवाल यह है कि गृह प्रवेश में कौन-कौन से देवताओं की पूजा आवश्यक है? इस लेख में, हम इस प्रश्न का...
पूजा के नियम

गृह प्रवेश, विवाह, नामकरण आदि में पूजा नियम

भारतीय संस्कृति में गृह प्रवेश, विवाह, और नामकरण जैसे अवसर जीवन के महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। ये अवसर न केवल परिवार और समाज को एकजुट करते हैं, बल्कि आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से भी विशेष महत्व रखते हैं। इन अवसरों पर की जाने वाली पूजा और अनुष्ठान न केवल परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और सुख-शांति का संचार भी करते हैं। इस लेख में, हम गृह प्रवेश पूजा नियम, विवाह पूजा नियम, और नामकरण पूजा नियम के बारे में विस्तार से जानेंगे, ताकि आप इन पवित्र अवसरों...
पूजा के नियम

5 विशेष परिस्थितियाँ जिनमें पूजा नहीं करनी चाहिए | Gyan Ki Baatein

पूजा, भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा है, जो आध्यात्मिकता, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। यह न केवल ईश्वर के प्रति हमारी निष्ठा को दर्शाती है, बल्कि हमारे जीवन को सकारात्मकता और शांति से भी भर देती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ विशेष परिस्थितियों में पूजा करने से बचना चाहिए? हिंदू शास्त्रों और परंपराओं में ऐसी कुछ स्थितियों का उल्लेख है, जिनमें पूजा करना न केवल अनुचित माना जाता है, बल्कि यह आपके जीवन में नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकता है। इस लेख में, हम जिन्हें...
पूजा के नियम

बड़े त्योहारों पर सामूहिक आरती के नियम

भारत एक ऐसा देश है जहां त्योहार न केवल उत्सव का प्रतीक हैं, बल्कि आध्यात्मिकता, एकता और सामाजिक समरसता का भी आधार हैं। सामूहिक आरती (Samuhik Aarti) त्योहारों का एक अभिन्न अंग है, जो भक्तों को एक साथ जोड़ती है और उनके मन में श्रद्धा व भक्ति का संचार करती है। चाहे वह दीपावली की लक्ष्मी पूजा हो, नवरात्रि की दुर्गा आरती हो, या गंगा दशहरा की पवित्र आरती, सामूहिक आरती का आयोजन एक अनूठा अनुभव प्रदान करता है। यह आलेख बड़े त्योहारों पर सामूहिक आरती के नियम (Rules for...
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