नाग पंचमी हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार हैं जो सावन माह मे मनाया जाता हैं। इस त्योहार में भगवान शिव की अराधना और नागों की पूजा की जाती है। हर साल सावन माह मे 2...
हरियाली तीज हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की तीसरे तिथि को मनाया जाता है। इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक होता है, और इसे धूमधाम से...
महावीर जयंती जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। इस पर्व पर सभी जैन समुदाय भगवान महावीर द्वारा दी गई शिक्षाओं का प्रसार करते हैं और सभी सजीव...
गुड़ी पाड़वा दो शब्दों से मिलकर बना है, गुड़ी का अर्थ “विजय पताका” व पाड़वा का अर्थ “चंद्रमा का पहला दिन” है। इस वसंत ऋतु का आगमन और नई फसलों की शुरुआत का प्रतीक गुड़ी पड़वा...
रथ यात्रा दक्षिण भारत के शहर पुरी में होने वाली भगवान जगन्नाथ जी की प्रसिद्ध यात्रा है। यह यात्रा भगवान जगन्नाथ के बड़े भाई बलभद्र, और उनकी बहन सुभद्रा की अलग-अलग तीन रथो में निकाली जाती...
हिंदू धर्म में साप्ताहिक व्रतों की परंपरा सदियों से चली आ रही है, जहां हर दिन किसी न किसी देवता को समर्पित होता है। रविवार का दिन सूर्य देव को अर्पित है, जो जीवन की ऊर्जा,...
आरती भारत माता की,जगत के भाग्य विधाता की ।आरती भारत माता की,ज़गत के भाग्य विधाता की । सिर पर हिम गिरिवर सोहै,चरण को रत्नाकर धोए,देवता गोदी में सोए,रहे आनंद, हुए न द्वन्द,समर्पित छंद,बोलो जय बुद्धिप्रदाता की,जगत...
दोहा -श्री गुरु गणनायक सिमर,शारदा का आधार । कहूँ सुयश श्रीनाथ का,निज मति के अनुसार । श्री गुरु गोरक्षनाथ के चरणों में आदेश ।जिनके योग प्रताप को ,जाने सकल नरेश । चौपाईजय श्रीनाथ निरंजन स्वामी,घट घट...