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स्तोत्र (stotra)

ललिता देवी स्तोत्र – ललिता देवी की महिमा का दिव्य वर्णन ( Lalita Devi Stotra Lyrics with Meaning) – ज्ञान की बातें

ललिता देवी स्तोत्र माँ ललिता को समर्पित स्तोत्र है हिंदू धर्म में माँ ललिता देवी का विशेष स्थान माना जाता है और श्री ललिता स्तोत्र उसकी सबसे महत्वपूर्ण रचनाओं में से एक है। यह ब्रह्मांड पुराण के उत्तर खंड में वर्णित है, जहां हयग्रीव और अगस्त्य ऋषि के संवाद के माध्यम से माँ ललिता (त्रिपुर सुंदरी) के एक हजार नामों का वर्णन किया गया है। ये स्तोत्र एक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करता है जो आपको काले जादू से बचाता है। माँ ललिता को षोडशी, त्रिपुर सुंदरी, राज राजेश्वरी...
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माँ कुलदेवी स्तोत्र – मां कुलदेवी की महिमा का दिव्य वर्णन (Maam Kuldevi Stotra Lyrics with Meaning) – ज्ञान की बातें

कुलदेवी स्तोत्र माता कुलदेवी को समर्पित स्तोत्र है ये स्तोत्र कुलदेवी की शक्ति का वर्ण करता है कुलदेवी स्तोत्र वह स्तोत्र (प्रार्थना या मंत्र) है जो किसी व्यक्ति या परिवार द्वारा कुलदेवी की पूजा और आराधना के लिए किया जाता है। कुलदेवी प्रत्येक कुल (परिवार/वंश) की रक्षक मानी जाती हैं। जैसे प्रत्येक व्यक्ति का इष्ट देव होता है, वैसे ही परिवार की कुलदेवी होती हैं जो उस वंश की रक्षा, समृद्धि और कल्याण का संकल्प धारण करती हैं। “कुलदेवी स्तोत्र” प्राचीन वैदिक परंपरा से जुड़ा एक पवित्र स्तोत्र है। जो भी व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति से इस...
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श्री गायत्री सहस्रनाम स्तोत्र – माता गायत्री की महिमा का दिव्य वर्णन (Shri Gayatri Sahasranama Stotra Lyrics with Meaning) – ज्ञान की बातें

श्री गायत्री सहस्रनाम स्तोत्र माँ गायत्री को समर्पित स्तोत्र है माँ गायत्री सम्पूर्ण ज्ञान की देवी है उनका दिव्य प्रकाश भक्तों पर पूर्ण ज्ञान की वर्षा करता है। श्री गायत्री सहस्रनाम स्तोत्र देवी भागवत पुराण और अन्य शास्त्रों में वर्णित है, जिसमें मां गायत्री के एक हजार दिव्य नामों का गुणगान किया गया है। यह स्तोत्र न केवल भक्ति बढ़ाता है बल्कि पापों का नाश करता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है। गायत्री सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ करने से भक्तों को गायत्री माता के दिव्य प्रकाश और शुध्द...
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श्री भवानी सहस्रनामावलि स्तोत्र – मां दुर्गा की महिमा का दिव्य वर्णन (Shri Bhavani Sahasranamavali Stotra Lyrics with Meaning) – ज्ञान की बातें

श्री भवानी सहस्रनामावलि स्तोत्र मां पार्वती को समर्पित है ईस स्तोत्र में मां भवानी, जो भगवान शिव की शक्ति और संसार की पालनकर्ता हैं, उनकी महिमा का वर्णन किया गया है उन्हे संसार की रक्षा करने वाली शक्ति माना जाता है। ईसमें देवी भवानी के एक हजार पवित्र नामों का वर्ण है। इस स्तोत्र का पाठ करने से मन में श्रद्धा, शांति और भक्ति भाव जागृत होता है। यह स्तोत्र विशेष रूप से नारी शक्ति, करुणा और शिव-पार्वती की एकता का प्रतीक है। ईसके नियमित पाठ से भक्तों को आध्यात्मिक शांति, सुरक्षा और समृद्धि...
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श्री गंगा सहस्त्रनाम स्तोत्र – माँ गंगा की महिमा का दिव्य वर्णन (Shri Ganga Sahasranama Stotra Lyrics with Meaning) – ज्ञान की बातें

श्री गंगा सहस्रनाम स्तोत्र माँ गंगा को समर्पित है ये उनके हजार नामों का एक शक्तिशाली स्तोत्र है, जो स्कंद पुराण और अन्य ग्रंथों में वर्णित है। यह स्तोत्र माँ गंगा माता की महिमा का गुणगान करता है और भक्तों को आध्यात्मिक शुद्धि प्रदान करता है। हिंदू धर्म में मां गंगा को मोक्षदायिनी और पापहारिणी देवी भी कहा जाता है जो भी व्यक्ति गंगा नदी के जल में स्नान करता है उसके सभी पाप धूल जाते हैं। और उसे मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। गंगा स्नान के साथ माँ गंगा जी की आरती...
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श्री यमुना सहस्रनाम स्तोत्र | मां यमुना की महिमा का दिव्य वर्णन (Maa Yamuna Sahasranama Stotra Lyrics with Meaning) – ज्ञान की बातें

श्री यमुना सहस्रनाम स्तोत्र यमुना देवी की स्तुति में रचित एक दिव्य स्तोत्र है। ईस स्तोत्र के पाठ से जीवन के सभी पापों का नाश, होता है मन की शुद्धि और श्रीकृष्ण भक्ति की प्राप्ति होती है। यमुनाजी को भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय सखी और कलिंदी के नाम जाना जाता है। गर्ग संहिता में वर्णित श्री यमुना सहस्रनाम स्तोत्र उनके सहस्र नामों का दिव्य स्तवन है। यह स्तोत्र सभी सिद्धियों को प्रदान करने वाला तथा श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त करने का सरल माध्यम है। ईस स्तोत्र का श्रद्धा पूर्व जप...
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श्री गणेश अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र | श्री गणेश की महिमा का दिव्य वर्णन (Shri Ganesh Ashtottara Shatnam Stotra Lyrics with Meaning) – ज्ञान की बातें

श्री गणेश अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र भगवान गणेश को समर्पित है गणेश जी को सभी देवी-देवताओं में सबसे शक्तिशाली देव और प्रथम पूजनीय रूप में जाना जाता है। भगवान गणेश विभिन्न धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष आयोजनों के दौरान पूजा का केंद्र बिंदु होते हैं, खासकर जब नए उद्यम शुरू करते हैं या वाहन जैसी संपत्ति प्राप्त करते हैं। हिंदू धर्म में, भगवान गणेश के 108 अलग-अलग नाम मौजूद हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से भगवान गणेश की अष्टोत्तर शतनामावली के रूप में जाना जाता है। हिंदू पौराणिक मान्यता के अनुसार, नियमित रूप से...
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श्री सूर्याष्टोत्तरशतानाम स्तोत्र – सूर्य देव की महिमा का दिव्य वर्णन (Shri Suryashtotarshatanam Stotra Lyrics with Meaning) – ज्ञान के बातें

श्री सूर्याष्टोत्तरशतानाम स्तोत्र भगवान सूर्य देव को समर्पित है उन्हे हिंदू धर्म में जगत की आत्मा माना जाता है। वे प्रकाश, ऊर्जा और जीवन के स्रोत हैं। श्री सूर्याष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र महाभारत के वनपर्व में वर्णित है, जहां धौम्य ऋषि ने युधिष्ठिर को यह स्तोत्र बताया था। इसमें सूर्य देव के 108 पवित्र नाम हैं, जिनका पाठ करने से भक्तों की स्वास्थ्य, बुद्धि, धन और सभी मनोकामनाएं प्राप्त होती हैं। यह स्तोत्र सूर्य पूजा के दौरान विशेष रूप से पढ़ा जाता है, जैसे रविवार को या छठ पूजा में। ईसके नियमित...
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श्री दुर्गाष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र – मां दुर्गा जी की महिमा का दिव्य वर्णन (Shri Durgashtottarashatanam Stotra Lyrics with Meaning)

‘श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्’ का वर्णन ‘श्रीदुर्गासप्तशती’ में किया गया है जो हिंदू तंत्र शास्त्र ‘विश्वसारतन्त्र’ का एक ग्रंथ है। इस ग्रंथ में मां दुर्गा के विभिन्न रूपों, उनकी साधना, मंत्रों और स्तोत्रों का विस्तार से वर्णन किया गया है। ‘श्रीदुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्’ देवी दुर्गा के 108 नामों का एक स्तोत्र है, जो उनकी विभिन्न शक्तियों और गुणों का वर्णन करता है। इस स्तोत्र का जप विशेष रूप से दुर्गा पूजा और नवरात्रि जैसे त्योहारों के दिनों में बहुत शुभ माना गया है। इन दिनों एक विशेष ऊर्जा का संचार वातावरण में महसूस किया जा...
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श्री कृष्णाष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र –श्री कृष्ण जी की महिमा का दिव्य वर्णन (Sri Krishna Ashtottara Shatnam Stotram Lyrics with Meaning)

श्री कृष्णाष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र भगवान श्री कृष्ण के 108 नामों का एक दिव्य स्तोत्र है, जो भागवत पुराण और अन्य वैष्णव ग्रंथों से प्रेरित है। यह स्तोत्र भक्तों को कृष्ण की लीलाओं, गुणों और दिव्य स्वरूप की स्मृति कराता है। "कृष्णाष्टोत्तरशतनाम" शब्द का अर्थ है - कृष्ण के अष्टोत्तर (108 से अधिक) शतनाम (सौ नाम), लेकिन परंपरा के अनुसार यह ठीक 108 नामों पर आधारित है। इस स्तोत्र का पाठ करने से मन की शांति, भक्ति की वृद्धि और सभी कष्टों का निवारण होता है। यह स्तोत्र आदि शंकराचार्य या वैष्णव...
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