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आरती (Aarti)

भगवद्‍ गीता आरती (Bhagwat Geeta Aarti)

जुलाई 23, 2025 अमित भारद्वाज 0 comments

भगवद्‍ गीता आरती: श्रीमद् भागवत गीता हिन्दुओ के पवित्र ग्रंथो में से एक हैं। भागवत गीता हमे हमारे जीवन की सच्चाई से परिचित करती हैं और अन्धविश्वास तथा झूठी मान्यताओ से मुक्ति पाने में हमारी मदद करता हैं। भागवत गीता आरती का पाठ करने से साधक का मन हमेशा शांत रहता है तथा क्रोद्ध से मुक्ति मिलती हैं। भागवत गीता आरती का पाठ नियमित रूप से करने से जीवन की सभी परेशानियों का हल मिलने लगता हैं तथा सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति होने लगती हैं। व्यक्ति ऊपरी बाधाओं की चपेट में आने से बचा रहता हैं तथा नकारात्मक शक्तियाँ दूर होने लगती हैं। जन्माष्टमी और गीता जयंती पर श्रीमद् भागवत गीता आरती का पाठ करने से साधक की कुंडली में मौजूद सभी प्रकार के दोष दूर होने लगते हैं तथा मोक्ष की प्राप्ति होती हैं। शत्रुओं को पराजित करने के लिए भी इस आरती का पाठ सबसे सर्वोत्तम माना जाता हैं।

भगवद्‍ गीता आरती हिन्दी में
(Bhagwat Geeta Aarti
in Hindi)

जय भगवद् गीते,
जय भगवद् गीते ।
हरि-हिय-कमल-विहारिणि,
सुन्दर सुपुनीते ॥

कर्म-सुमर्म-प्रकाशिनि,
कामासक्तिहरा ।
तत्त्वज्ञान-विकाशिनि,
विद्या ब्रह्म परा ॥
जय भगवद् गीते…॥

निश्चल-भक्ति-विधायिनि,
निर्मल मलहारी ।
शरण-सहस्य-प्रदायिनि,
सब विधि सुखकारी ॥
जय भगवद् गीते…॥

राग-द्वेष-विदारिणि,
कारिणि मोद सदा ।
भव-भय-हारिणि,
तारिणि परमानन्दप्रदा ॥
जय भगवद् गीते…॥

आसुर-भाव-विनाशिनि,
नाशिनि तम रजनी ।
दैवी सद् गुणदायिनि,
हरि-रसिका सजनी ॥
जय भगवद् गीते…॥

समता, त्याग सिखावनि,
हरि-मुख की बानी ।
सकल शास्त्र की स्वामिनी,
श्रुतियों की रानी ॥
जय भगवद् गीते…॥

दया-सुधा बरसावनि,
मातु! कृपा कीजै ।
हरिपद-प्रेम दान कर,
अपनो कर लीजै ॥
जय भगवद् गीते…॥

जय भगवद् गीते,
जय भगवद् गीते ।
हरि-हिय-कमल-विहारिणि,
सुन्दर सुपुनीते ॥

भगवद्‍ गीता आरती इंग्लिश में
(Bhagwat Geeta Aarti
in English)

Jai Bhagavad Gite,
Jai Bhagavad Gite.
Hari-Hiy-Kamal-viharini,
Sundar Supunite.
Jai Bhagavad Gite

Karm-Sumarm-Prakashini,
Kamasaktihara.
Tattvagyan-vikashini,
Vidya Brahm Para.
Jai Bhagavad Gite

Nishchal-Bhakti-Vidhayini,
Nirmal Malahari.
Sharan-Sahasy-Pradayini,
Sab Vidhi Sukhkari.
Jai Bhagavad Gite

Rag-Dvesh-Vidarini,
Karini Mod Sada.
Bhav-Hhay-Harini,
Tarini Paramanandaprada.
Jai Bhagavad Gite

Aasur-Bhav-Vinashini,
Nashini Tam Rajani.
Daivi Sad Gunadayini,
Hari-Rasika Sajani.
Jai Bhagavad Gite

Samata, Tyag Sikhavani,
Hari-Mukh Ki Baani.
Sakal Shastra Ki Svamini,
Shrutiyon Ki Rani.
Jai Bhagavad Gite

Daya-Sudha Barasavani,
Maatu! Kripa Keejai.
Haripad-Prem Daan Kar,
Apano Kar Leejai.
Jai Bhagavad Gite

Jai Bhagavad Gite.
Hari-Hiy-Kamal-viharini,
Sundar Supunite.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

  • 1. भगवद् गीता क्या है?
  • श्रीमद भागवत गीता हिंदू धर्म का सबसे पवित्र ग्रंथ है जिसे ‘गीतोपनिषद’ भी कहा जाता है। यह जीवन के विज्ञान और सर्वोच्च सत्य का सार है
  • 2. गीता का उपदेश किसने और कब दिया था?
  • भागवत गीता का उपदेश स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने लगभग (5,000) वर्ष पूर्व कुरुक्षेत्र के युद्ध के मैदान में अर्जुन को दिया था
  • 3. गीता में कितने अध्याय और श्लोक हैं?
  • भगवद् गीता में कुल 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं।
  • 4. गीता का मुख्य उद्देश्य क्या है?
  • भगवद् गीता का मुख्य उद्देश्य मनुष्य को उसके कर्तव्यों (धर्म) की याद दिलाना और उसे मोह, भय तथा अज्ञान से मुक्त कर आध्यात्मिक मार्ग दिखाना है
  • 5. कुरुक्षेत्र के मैदान में कृष्ण और अर्जुन के अलावा गीता किसने सुनी थी?
  • भगवद् गीता को संजय ने अपनी दिव्य दृष्टि से इस उपदेश को सुना और धृतराष्ट्र को सुनाया था। इसके अलावा अर्जुन के रथ के ध्वज पर विराजमान हनुमान जी और बर्बरीक ने भी इसे सुना था।
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