त्रिमूर्तिधाम: हनुमान आरती: हरियाणा के कालका में स्थित श्री त्रिमूर्तिधाम पञ्चतीर्थ आश्रम (त्रिमूर्तिधाम बालाजी मंदिर) हनुमान भक्तों का एक प्रमुख केंद्र है। यह दिव्य धाम शिवालिक पर्वत श्रृंखला के मध्य स्थित है, जहाँ श्री हनुमान जी (बालाजी) की विशेष पूजा-अर्चना होती है। त्रिमूर्तिधाम को पञ्चतीर्थ आश्रम दिव्य देशम् भी कहा जाता है। यहाँ हनुमान जी को “हनुमत बाबा” या “बालाजी” के रूप में पूजा जाता है। मंदिर की स्थापना और विकास के पीछे गहरी आध्यात्मिक परंपरा है। भक्तों का विश्वास है कि यहाँ विराजमान हनुमान जी संकटों को हरते हैं, मनोकामनाएँ पूरी करते हैं और भक्तों को राम भक्ति का मार्ग दिखाते हैं। त्रिमूर्तिधाम में हनुमान जी के अलावा अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा होती है, लेकिन त्रिमूर्तिधाम: हनुमान आरती यहाँ का सबसे आकर्षक और भावपूर्ण अनुष्ठान है। जो भक्तों के हृदय में अपार शक्ति, साहस और भक्ति का संचार करती है।
त्रिमूर्तिधाम: हनुमान आरती हिन्दी में
(Trimurtidham: Hanuman Aarti in Hindi)
जय हनुमत बाबा,
जय जय हनुमत बाबा ।
रामदूत बलवन्ता,
रामदूत बलवन्ता,
सब जन मन भावा ।
जय जय हनुमत बाबा ।अंजनी गर्भ सम्भूता,
पवन वेगधारी,
बाबा पवन वेगधारी ।
लंकिनी गर्व निहन्ता,
लंकिनी गर्व निहन्ता,
अनुपम बलधारी ।
जय जय हनुमत बाबा ।
बालापन में बाबा अचरज बहु कीन्हों,
बाबा अचरज बहु कीन्हों ।
रवि को मुख में धारयो,
रवि को मुख में धारयो,
राहू त्रास दीन्हों ।
जय जय हनुमत बाबा ।
सीता की सुधि लाये,
लंका दहन कियो,
बाबा लंका दहन कियो ।
बाग अशोक उजारि,
बाग अशोक उजारि,
अक्षय मार दियो ।
जय जय हनुमत बाबा ।
द्रोण सो गिरि उपारयो,
लखन को प्राण दियो,
बाबा लखन को प्राण दियो ।
अहिरावण संहारा,
अहिरावण संहारा,
सब जन तार दियो ।
जय जय हनुमत बाबा ।
संकट हरण कृपामय,
दयामय सुखकारी,
बाबा दयामय सुखकारी ।
सर्व सुखन के दाता,
सर्व सुखन के दाता,
जय जय केहरि हरि ।
जय जय हनुमत बाबा ।
सब द्वारों से लौटा तेरी शरण परयो,
बाबा तेरी शरण परयो ।
संकट मेरा मिटाओ,
संकट मेरा मिटाओ,
विघ्न सकल हरयो ।
जय जय हनुमत बाबा ।
भक्ति भाव से बाबा, मन मेरा सिक्त रहे,
बाबा मन मेरा सिक्त रहे ।
एक हो शरण तिहारी,
एक हो शरण तिहारी,
विषयन में न चित रहे ।
जय जय हनुमत बाबा ।
जय हनुमत बाबा,
जय जय हनुमत बाबा ।
रामदूत बलवन्ता,
रामदूत बलवन्ता,
सब जन मन भावा ।
जय जय हनुमत बाबा ।
दोहा
पवन तनय संकट हरन,
मंगल मूरति रूप ।
राम लखन सीता सहित,
ह्रदय बसेहुँ सुर भूप ॥
त्रिमूर्तिधाम: हनुमान आरती इंग्लिश में
(Trimurtidham: Hanuman Aarti in English)
Jai Hanumat Baba,
Jai Jai Hanumat Baba ।
Ramdut Balvanta,
Ramdut Balvanta,
Sab Jan Man Bhava ।
Jai Jai Hanumat Baba ।
Anjani Garbh Sambhuta,
Pavan Vegdhari,
Baba Pavan Vegdhari ।
Lankini Garv Nihanta,
Lankini Garv Nihanta,
Anupam Baldhari ।
Jai Jai Hanumat Baba ।
Balapan Mein Baba Acharaj Bahu Kinhon,
Baba Acharaj Bahu Kinhon ।
Ravi Ko Mukh Mein Dharayo,
Ravi Ko Mukh Mein Dharayo,
Rahu Traas Dinhon ।
Jai Jai Hanumat Baba ।
Sita Ki Sudhi Laye,
Lanka Dahan Kiyo,
Baba Lanka Dahan Kiyo ।
Bag Ashok Ujari,
Bag Ashok Ujari,
Akshay Maar Diyo ।
Jai Jai Hanumat Baba ।
Dron So Giri Uparayo,
Lakhan Ko Pran Diyo,
Baba Lakhan Ko Pran Diyo ।
Ahiravan Sanhara,
Ahiravan Sanhara,
Sab Jan Taar Diyo ।
Jai Jai Hanumat Baba ।
Sankat Haran Kripamay,
Dayamay Sukhkari,
Baba Dayamay Sukhkari ।
Sarv Sukhan Ke Daata,
Sarv Sukhan Ke Daata,
Jai Jai Kehari Hari ।
Jai Jai Hanumat Baba ।
Sab Dwaron Se Lauta Teri Sharan Parayo,
Baba Teri Sharan Parayo ।
Sankat Mera Mitao,
Sankat Mera Mitao,
Vighn Sakal Harayo ।
Jai Jai Hanumat Baba ।
Bhakti Bhav Se Baba, Man Mera Sikt Rahe,
Baba Man Mera Sikt Rahe ।
Ek Ho Sharan Tihari,
Ek Ho Sharan Tihari,
Vishayan Mein Na Chit Rahe ।
Jai Jai Hanumat Baba ।
Jai Hanumat Baba,
Jai Jai Hanumat Baba ।
Ramdut Balvanta,
Ramdut Balvanta,
Sab Jan Man Bhava ।
Jai Jai Hanumat Baba ।
Doha
Pavan Tanay Sankat Haran,
Mangal Murati Roop ।
Ram Lakhan Sita Sahit,
Hriday Basehun Sur Bhoop ॥
त्रिमूर्तिधाम: हनुमान जी के प्रसिद्ध मंदिर (Trimurtidham: Hanuman Famous Temples)
1. मेहंदीपुर बालाजी मंदिर, राजस्थान
- श्री मेहंदीपुर बालाजी मंदिर एक विश्व प्रसिद्ध मंदिर है| यहां लगभग हजारों वर्ष पहले बालाजी अपने बाल रूप में स्वयं प्रकट हुए थे| माना जाता है कि इस मंदिर में आकर श्री बालाजी महाराज के दर्शन मात्र से विभिन्न मानसिक विकार, शारीरिक विकार, एवं सभी प्रकार के कष्ट स्वयं ठीक हो जाते हैं, श्री मेहंदीपुर बालाजी धाम में श्री बालाजी महाराज जी, श्री भैरव जी और श्री प्रेतराज सरकार जी के साथ साक्षात बाल रूप श्री मारुति नंदन विराजमान हैं।
2. 108 फीट संकट मोचन धाम, दिल्ली
- करोल बाग हनुमान मंदिर, दिल्ली का एक प्रसिद्ध मंदिर है, जिसमें हनुमान जी की108 फीट ऊंची मूर्ति स्थापित है। इस मंदिर को संकट मोचन धाम व झंडेवालान मंदिर के नाम से जाना जाता है। इसका विशाल प्रांगण और आध्यात्मिक माहौल यहां के भक्तों को प्रभावित करता है। यहां विभिन्न हिंदू देवी-देवताओं की सुंदर मूर्तियां हैं, जिनमें भगवान हनुमान की 108 फीट ऊंची प्रतिमा भी शामिल है
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- 1: त्रिमूर्तिधाम में हनुमान जी का स्वरूप कैसा है?
- त्रिमूर्तिधाम (भैरों की सेर, कालका) में एक ही शिला पर तीन देव—हनुमान जी (बालाजी), प्रेतराज सरकार और भैरव जी एक साथ विराजमान हैं। इस पवित्र स्थान को ‘त्रिमूर्ति धाम’ या ‘बालाजी हनुमान मंदिर’ भी कहा जाता है।
- 2: क्या हनुमान जी आज भी जीवित हैं?
- जी हाँ, हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान हनुमान अमर (चिरंजीवी) हैं। उन्हें भगवान राम द्वारा यह आशीर्वाद प्राप्त है कि वे कल्प के अंत तक पृथ्वी पर रहकर भक्तों के कल्याण और राम-नाम का प्रचार करते रहेंगे।
- 3: हनुमान जी को सिंदूर क्यों चढ़ाया जाता है?
- मान्यता है कि एक बार हनुमान जी ने माता सीता को अपनी माँग में सिंदूर लगाते हुए देखा और इसका कारण पूछा। माता ने बताया कि इससे प्रभु श्री राम की आयु बढ़ती है और उन पर कृपा बनी रहती है। तब हनुमान जी ने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर का लेप लगा लिया, तभी से उन्हें सिंदूर चढ़ाने की परंपरा है।
- 4: हनुमान जी के जन्म के पीछे की मुख्य कथा क्या है?
- भगवान हनुमान पवन देव (वायु) और माता अंजना के पुत्र हैं। उन्हें भगवान शिव का रुद्रावतार भी माना जाता है। उनकी माता अंजना को एक श्राप से मुक्ति पाने के लिए पृथ्वी पर जन्म लेना पड़ा था और भगवान शिव के आशीर्वाद से हनुमान जी का जन्म हुआ।
- 5: हनुमान जी का नाम ‘हनुमान’ कैसे पड़ा?
- बचपन में जब उन्होंने सूर्य देव को फल समझकर निगल लिया था, तब संसार को बचाने के लिए देवराज इंद्र ने उन पर वज्र से प्रहार किया था। वह वज्र उनके जबड़े (संस्कृत में ‘हनु’) पर लगा, जिससे उनका जबड़ा विकृत हो गया। इसी कारण उनका नाम ‘हनुमान’ पड़ा।
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